कोरोनावायरस क्या है ? लक्षण और उपचार | What is Coronavirus and It’s Symptoms in Hindi

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक नए कोरोनोवायरस(Coronavirus) पर वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा की है, जिसके प्रकोप से अबतक चीन के वुहान शहर में 213 लोगो की मौत हो चुकी है. अभी तक चीन के लगभग 20 शहरों में अनुमानित 5 करोड़ लोगों में इसके लक्षण देखें गये है. कोरोनावायरस क्या है (What is Coronavirus in Hindi)? क्या है इसके लक्षण और उपचार (It’s Symptoms in Hindi)? चलिए जानते है विस्तार से..

कोरोनावायरस क्या है | What is Coronavirus in Hindi ?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार कोरोनावायरस (Coronavirus) खुद एक वायरस नहीं बल्कि एक से ज्यादा वायरस की फैमिली है, और इसी वायरसेस के परिवार को कोरोनावायरस (Coronavirus) नाम दिया है.

कोरोनावायरस भी सामान्य वायरस है जो आपकी नाक, साइनस या ऊपरी गले में संक्रमण का कारण बनता है. अधिकांश कोरोनावायरस खतरनाक नहीं होते हैं. जो मामूली सर्दी जुखाम देकर निकल जाते है.

इस कोरोनावायरस फैमिली में कुछ 7 वायरस है जो इंसानों तक पहुंचे है, Middle East Respiratory Syndrome(MERS-CoV) और Severe Acute Respiratory Syndrome (SARS-CoV) ये 2 नये कोरोनावायरस (Coronavirus) है जो अभी लोगो में मिल रहे है इन्हें पहले कभी इंसानी शरीर में देखा नही गया.

What is Coronavirus and It's Symptoms in Hindi

यदि आपको कोरोना संक्रमण होता है तो सबसे पहले यही पता किया जाता है कि इस फैमिली के किस वायरस का संक्रमण है.

वेसे तो कोरोना वायरस जानवरों में देखा जाता है पर विशेषज्ञ कहते है कि कोरोना एक जुनोटिक वायरस है, यानी एक ऐसा वायरस जो जानवरों से इंसानों में फैल सकता है.

अभी तक की सभी रिपोर्ट्स के मुताबिक ये वायरस हाल ही में चीन के वुहान शरह के मीट बाज़ार से फैला है, इस वायरस का मेन सोर्स वहीँ से प्राप्त किया गया है.

ये वायरस सांप, बिल्ली और चमगादड़ जैसे जानवरों में ज्यादातर देखा जाता है. अब ये इनके साथ इंसानों में फैल रहा है .

कोरोनावायरस इतना खतरनाक क्यों है ? | Why CoronaVirus Is Dangerous In Hindi ?

जो लक्षण अभी मिल रहे है उसके लिहाज से डॉक्टर्स ने इस वायरस को बहुत खतरनाक बताया है. इसके खतरनाक होने के 2 कारण है, पहला इसके होने के लक्षण ” कोरोनावायरस के लक्षण मौसमी बीमारियों जैसे ही होते है इसीलिए लोग इसे सामान्य बीमारी ही समझते है और इतना ध्यान नही देते है.

डॉक्टर्स का भी कोरोना संक्रमण को पहचान पाना आसान नहीं है. जब तक कोरोना वायरस के बारे में पता चलता है तब तक इसका संक्रमण काफी फ़ैल चूका होता है.

दूसरा कारण है इससे होने वाली मौतों की दर, जी हाँ इस वायरस से होने वाली मौंते 35 प्रतिशत से भी ज्यादा है. यानी कोरोनावायरस संक्रमित 100 मरीजो मे से 35 मरीजो की इसमें मौत हो जाती है.

ये उच्च मृत्यु दर ही कोरोना को दुनिया का तीसरा सबसे खतरनाक वायरस बनाती है.

कोरोनावायरस कैसे फैलता है ? | How is Coronavirus Transmitted in Hindi

शुरुआत में कोरोनावायरस जानवरों में देखा गया था पर अब ये जानवरों से इंसानों में फ़ैल रहा है. जैसे दूसरी संक्रमित बीमारियाँ फैलती है वेसे ही कोरोनावायरस फैलता है जो संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से संक्रमण बढ़ाता है.

  • ये छूने, संक्रमित के छींकने और खांसने, ड्रॉपलेट से ये फ़ैल सकता है.
  • यदि आप संक्रमित मरीज के कपड़े, रुमाल, या टॉवेल आदि इस्तेमाल करते है तो ये फ़ैल सकता है.
  • यदि आप कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के किसी वस्तु को छूने के बाद छूते है तो आपके संक्रमित होने की संभावना बढ़ जाती है. जैसे मोबाइल, पीसीओ फ़ोन, किताबे,आदि.

कोरोनावायरस के क्या लक्षण होते है ? | What is the Symptoms of Coronaviruses in Hindi ?

  • ठण्ड के मौसम में किसी भी बीमारी के जैसे लक्षण होते है वेसे ही लक्षण कोरोनावायरस के होते है.
  • बुखार आना
  • सर्दी-जुखाम, खांसी होना.
  • फिर जब ज्यादा फैलता है तो फेफड़ो में निमोनियां का होना.
  • सांस लने में दिक्कत होना, सांस लेने में दर्द होना.
  • और बढ़ जाने पर एक से ज्यादा शरीर के अंगो का काम करना बंद कर देना.

कोरोना वायरस कितने दिनों में फैलता है | How many days corona virus takes to spread in human body

सामान्यतः कोरोना वायरस संक्रमण के औसतन 5 दिनों बाद से इसके लक्षण दिखने लग जाते है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार कोरोना के लक्षण बहुत बाद भी दिख सकते है.

विश्व स्वास्थ्य संघठन के अनुसार कोरोना वायरस के शरीर में पहुँचने और उसके लक्षण नज़र आने में कुछ 14 दिनों का अंतर हो सकता है. लेकिन रुकिए यहाँ कुछ शोधकर्ताओ का मानना है कि ये समय 24 दिनों तक का भी हो सकता है.

ऐसा जरुरी नही कि वायरस का संक्रमण उनमे फैलता है जिनमे लक्षण दिखाई देते है, बल्कि ये वायरस लोगो के बीमार होने से पहले भी फ़ैल सकता है. यानि बीमार होने से पहले भी एक व्यक्ति दुसरे व्यक्ति को इस वायरस से संक्रमित कर सकता है.

शुरुआत में ये वायरस सामान्य फ्लू जेसे लक्षण ही दिखता है फिर धीरे धीरे फैलता है, ये वायरस बाहरी त्वचा पर है तब तक आप सुरक्षित है पर जैसे ही शरीर के अंदर चले जाता है वैसे ही इसका असर कुछ दिनों में दिखने लगता है.

कोरोना वायरस या कोई भी वायरस आपके शरीर में आँख, नाक या मुंह से आसानी से प्रवेश कर सकता है, इसलिए आपको संक्रमण से बचने के लिए काफी सावधानियां बरतनी होगी.

कोरोना वायरस की रोकथाम या इससे कैसे बचे | What is the Prevention and Protection of Coronavirus in Hindi

  • ऐसे व्यक्ति के संपर्क में न जाए जिसे ऊपर बताएं लक्षण में से कोई भी समस्या है.
  • जिन्हें सर्दी, जुखाम जैसी कोई भी बीमारी है तो छिकने और खासने के बाद अपने हाथ अच्छी तरह धोएं.
  • चेहरा कवर कर के रखे, इसके लिए आप एक अच्छा फेसमास्क भी पहन सकते है.
  • संक्रमित व्यक्ति के पास जाएं तो पूरी सुरक्षा के साथ जाएं, हाथ में दस्ताने और चेहरे को ढक कर जाएं.
  • समुद्री मांस का सेवन न करे, और जो लोग किसी भी जानवर के मांस का सेवन करते है वे मांस को अच्छी तरह पकाकर उसका सेवन करें या फिर मांस का सेवन ना ही करे.
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कोरोनावायरस की जाँच कैसे की जाती है ? | How do you Test a Person for Coronavirus In Hindi ?

कोरोनावायरस की कोई चुनिन्दा जाँच तो उपलब्ध नहीं है लेकिन इसके लक्षण दिखने पर दो तरह की जाँच की जाती है जिससे मरीज कोरोनावायरस से संक्रमित है भी या नही ये पता किया जा सके.

  1. PCR (Nucleic acid Testing)
    ये पहली जाँच है जो मरीज पर की जाती है, इस जाँच से वायरस के DNA की पहचान की जाती है. इससे पता चलता है कि ये कोरोनावायरस फैमिली का वायरस है.
  2. Electron Microscopy
    ये दूसरी तरह की जाँच है जो मरीज के द्वारा दिए गये नमूने में इस वायरस देखा या जांचा जाता है.

कोरोनावायरस का इलाज कैसे करे ? | Is there any Treatments or Therapies for Coronavirus?

कोरोनावायरस का अभी तक तो कोई इलाज नहीं मिल पाया है, अभी डॉक्टर्स सिर्फ सपोर्टिव इलाज ही कर रहे है जैसे बुखार होने पर बुखार का इलाज, जुखाम पर जुखाम का इलाज. अभी तक बाज़ार में इसकी कोई दवाई नहीं आई है . हम सिर्फ इससे बचने की ही कोशिश कर सकते है.

कोशिश करे अपने आस पास सफाई रहे, कहीं गंदगी न हो. ठण्ड के मौसम से होने वाले रोगों से बचे, अपने आसपास स्वच्छता बनायें रखे.

वेसे तो हमने आपको सभी मुख्य बातें विस्तार से लेख मे समझाने की कोशिश की है मगर फिर भी नीचे कुछ ऐसे सवालों के जवाब है जिन्हे लोग गूगल पर सर्च कर रहे है, चलिए जानते है इनके जवाब॥

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भारत मे कोरोना वायरस कब आया या फिर कब भारत मे ये पहली बार देखने को मिला?

भारत मे सबसे पहले केरल के त्रिशूर जिले मे एक मरीज सकारात्मक रूप से कोरोना वायरस से ग्रसित मिला था। जो चीन की वूहान यूनिवर्सिटी का एक छात्र था।

अब तक कितने देश ऐसे है जहां पर कोरोनावायरस का संक्रमण मिला है ?

चीन के अलावा 100 ऐसे देश है जहां इस वायरस से संक्रमित मरीज मिले है. जिसमे भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, कम्बोडिया, कनाडा, फ़्रांस, जर्मनी, जापान, मलेशिया, नेपाल, श्रीलंका, सिंगापुर, थाईलैंड, साऊथ कोरिया,UAE,US, वियतनाम देश शामिल है. और ये संख्या बड़ती जा रही है.

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कोरोनावायरस कितने दिनों में इंसान के शरीर में फ़ैल जाता है ?

इस तरह के एक सवाल का जवाब देना थोड़ा कठिन हो सकता है, क्योंकि वायरस की सीमा कई कारकों पर निर्भर करती है, जब कोई व्यक्ति संक्रमित हो जाता हैं, तो वह कितने समय तक संक्रामक रहता हैं और कितने समय तक वायरस उस इंसान के बाहर जीवित रह सकता है। ऐसे कई कारक मिलकर निर्धारित करते है कि वायरस कितने दिनों में फ़ैल जाएगा. अभी तक अनुमानित 15 दिनों का अंदाजा लगाया जा रहा है मगर हर मामले में मानक अलग भी हो सकता है .

कोरोना वायरस की लाइफ या ये कितने दिनों तक जीवित रह सकता है ?

ये बताना की कोरोना वायरस सटीक कितने दिनों तक जीवित रह सकता है ये अभी संभव नही हो पाया है. लेकिन हम ये जानते हैं कि ये वायरस भी सामान्य कोल्ड वायरस (जो कोरोनोवायरस भी होता है) है जो तापमान, आर्द्रता और अन्य कारकों पर निर्भर रहता है, यानी तापमान के बढ़ने के साथ इसकी कमी देखि जा सकती है .

इस वक्त अंडा, मांस, मछली आदि खाना सुरक्षा जनक है या नहीं ?

यदि विशेषज्ञों की माने तो अभी किसी भी मांसहारी भोजन का सेवन करना सुरक्षा जनक नहीं है. चुकी ये वायरस जानवरों से इंसानों में फेल रहा है तो मांसाहारी भोजन का साफ़ और स्वच्छ होना बहुत जरुरी है. यदि आप ये सुनिश्चित कर सकते है कि मिलने वाला पदार्थ जैसे अंडा,मछली आदि स्वच्छ है तो फिर आप सेवन क्र सकते है .

कोरोनावायरस किस वर्ष में खोजा गया और इंसानों में ये कब देखा गया ?

1960 के दशक में कोरोनाविरस की खोज की गई थी. सबसे पहले इसे मुर्गियों और फिर इंसानों में सामान्य सर्दी जुखाम की तरह देखा गया था जिसे मानव कोरोना वायरस 229E नाम दिया गया. 2003 में इस परिवार का एक और सदस्य वायरस की पहचान की गयी जिसका नाम SARS-CoV रखा गया जो इंसानों के लिए खतरनाक साबित हुआ. उसके बाद 2004, 2005 फिर 2012 और अब 2019 में इस वायरस के कुछ नए सदस्यों की पहचान की गई.

क्या कोई ऐसे घटक (Ingredient) मौजूद है जो कोरोना वायरस को रोकने में लाभदायक हो ?

अभी तक ऐसे किसी भी घटक या उपचार का पता नही चला है जो इस वायरस की रोकथाम या उसके उपचार में सहायक हो.

कोरोना वायरस का उपचार और दवाई बनाना इतना मुश्किल क्यों हो रहा है ?

जैसा की हमने आपको अपने लेख में बताया की ये वायरस नया है इसलिए इसकी जल्दी जाँच करना थोड़ा कठिन है. जाँच करने के उपरांत कौनसा उपचार इस वायरस के लिए सही है, ये पता करने में अभी और समय लग सकता है. क्योकि किसी भी बीमारी का इलाज तब ढूंढ सकते है जब हमें बीमारी की पूरी जानकारी हो.

कोरोना वायरस पर ये लेख हमारी दिल से देशी टीम के गहन शौध पर आधारित है यदि आपको इससे सम्बंधित कोई भी सवाल या आपके पास कोई अन्य जानकारी हो जो महवपूर्ण हो, कृपया उसे कमेंट बॉक्स में हमारे साथ जरुर साँझा करे.

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