आत्मा पुनर्जन्म : किन 8 कारणों से आत्मा लेती है पुनर्जन्म जानिए..

हिन्दू संस्कृति विश्व की सबसे विशाल संस्कृति है. हिन्दू सनातन धर्म में पुनर्जन्म जन्म को सत्य माना गया है. अर्थात हिन्दू धर्म में यह माना जाता है की किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका पुनः जन्म होता है. सभी आत्माएं जन्म लेती है किन्तु कौन-सी आत्मा कैसे जन्म लेती है, इसके बारे में आपको स्पष्ट किया गया है.
soul takes rebirth
आत्मा जब तक भटकती है तब तक वह पुनः किसी नये शरीर को प्राप्त नही कर लेती. यहाँ पर आपको यह बताया गया है कि कौन-सी आत्मा भटकती है और उसके बाद फिर कब जन्म लेती है. आत्माओं के बारे में यह भी निश्चित रहता है कि कौन-सी आत्मा पितृलोक, स्वर्गलोक, नरक लोग आदि लोकों में रहकर पुन: धरती पर कब तक लौटेगी.

शास्त्रों के अनुसार आत्मा प्रमुख रूप से इन आठ कारणों से पुन: जन्म लेती है—

1. ईश्वर की आज्ञा से : जब कोई भी महापुरुष या दिव्य पुरुषों की मृत्यु हो जाती है तो ईश्वर पुनः उन्हें किसी विशेष कार्य के लिए जन्म लेने की आज्ञा देते हैं.
2. पुण्य समाप्त हो जाने पर : किसी भी व्यक्ति के पुण्य कर्म के कारण वह स्वर्ग लोक में सुख भोगता है और जब तक इन पुण्य कर्मों का प्रभाव बना रहता है, वह आत्मा सभी दैवीय सुख प्राप्त करती है. किन्तु जब पुण्य कर्मों का प्रभाव समाप्त हो जाता है तो वह आत्मा पुन: जन्म लेने के लिए धरती पर आ जाती है.soul takes rebirth


3. पुण्य फल भोगने के लिए : कई बार ऐसा भी होता है कि किसी ऐसे व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है जो पुण्य कर्म कारक होता है अर्थात पुण्य कर्म करने वाला. तब ईश्वर उसे पुण्य कर्मों का फल भोगने के लिए आत्मा पुन: जन्म देते है.
4. कई आत्माओं को पाप का फल भोगने के लिए भी जन्म लेना पड़ता है.
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5. बदला लेने के लिए : अपने पूर्व जन्म का बदला लेने के लिए भी आत्मा पुनर्जन्म लेती है. जब कभी किसी व्यक्ति की मृत्यु धोखे से, कपट से या अन्य किसी प्रकार से यातना देकर की जाती है तो वह आत्मा पुनर्जन्म अवश्य लेती है. ताकि उसकी मृत्यु का बदला ले सके.
6. जब कोई बुरे कर्म करता है तो बुरे कर्मो का बदला चुकाने के लिए भी आत्मा को जन्म लेना पड़ता है.
7. जब किसी की अकाल मृत्यु हो जाती है तब भी आत्मा पुनः जन्म लेती है.
8. अपूर्ण साधना को पूर्ण करने के लिए भी आत्मा का पुनर्जन्म होता है.
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