अब मवेशियों की पहचान भी होगी आधार नंबर से..

आप सभी आधार कार्ड के बारे में जानते ही होंगे. ये भारत सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला एक ऐसा नंबर होता है जो हर किसी व्यक्ति के लिए जरुरी होता है. किन्तु आपको जानकर ख़ुशी और हैरानी भी होगी की केन्द्र सरकार ने मवेशियों(गाय ,बैल, भैंस) के लिए भी आधार कार्ड या यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर जैसी एक योजना बना रही है. सरकार द्वारा मवेशियों की स्थिति सुधारने हर समय कई योजना बनती है अभी भी सरकार का प्रयास इसी की ओर है इसके तहत सरकार द्वारा एक योजना लाई जाने वाली इस योजना में देश में हर गाय और भैंस के लिए एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईडी) जारी किया जाएगा.

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माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस योजना का प्रमुख उद्देश्य मवेशियों की निगरानी करना है जिससे बेहतर ब्रीडिंग और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकेगी. देश की 8.8 करोड़ गाय-भैंस है सरकार ने इन मवेशियों की हालत को सुधारने के लिए आधार जैसा नंबर जारी करने का निर्णय लिया है.

एक प्रमुख अंग्रेजी आर्थिक दैनिक के अनुसार इस योजना के लिए सरकार द्वारा 148 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है. इस योजना के लिए लगभग एक लाख लोगो को लगाया गया है. इस योजना के अधिकारियो के अनुसार ये लोग पुरे देश के करीब 8.8 करोड़ मवेशियों के कान में एक टैग लगाएंगे.

अधिकारियो के अनुसार जो टैग मवेशियों के कान पर लगने वाला है उसका वजन आठ ग्राम होगा और टैग पर 12 अंकों का एक यूआईडी नंबर होगा, जिससे हर पशु की अलग-अलग पहचान की जा सके. इस काम को इसी साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. राज्यों भी लक्ष्य दिया गया है जिसके अनुसार प्रत्येक राज्य को लक्ष्य के अनुसार कार्य को करना पड़ेगा. और सरकार ने इसके लिए उत्तर प्रदेश में हर महीने 14 लाख और मध्य प्रदेश को 7.5 लाख मवेशियों पर ऐसे टैग लगाने का लक्ष्य दिया गया है.

इस योजना का मकसद न केवल मवेशियों की निगरानी करना है ताकि उन्हें सही समय पर टीके लगाए जा सकें और बेहतर ब्रीडिंग और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सके. दैनिक बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार 2020 तक सरकार का लक्ष्य डेयरी किसानों की आमदनी दोगुनी करने का है ताकि पशुपालन को एक लाभदायक काम बनाया जा सके. और पशुपालन को बढाया जा सके.

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