टेक्सास में गौमाता पर हुए एक शोध के बाद जो बात सामने आई है उसे जानकार आप हैरान रह जायेंगे

भारत में गाय के संरक्षण के लिए आन्दोलन चल रहे है, कहीं बीफ को लेकर लोग अड़े हुए है तो कहीं बुचडखानों को लेकर विवाद जारी हैं. इसी बीच अमेरिका के टेक्सास में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने गाय की मदद से एड्स जैसी लाइलाज बिमारी का हल निकाल लिया है. वैज्ञानिकों की माने तो एड्स के घातक वायरस एचआईवी को फैलने से रोकने के लिए यह शोध बहुत कामयाब साबित हो सकता है.

ज्ञात हो की एचआईवी एक ऐसा संक्रामक वायरस है जिसका आज तक कोई ईलाज नहीं ढूंढा जा सका है. अमेरिका के टेक्सास में ए एंड एम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने परिक्षण के दौरान गायों को एचआईवी का इंजेक्शन लगाया, जिससे गायों में 35 दिनों के भीतर रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो गयी. इसके बाद जब गायों की प्रतिरक्षी कोशिकाओं की पड़ताल की गयी तो यह पाया गया कि इसमें से एक में एचआईवी को फैलने से रोकने की क्षमता मौजूद है.
research on cow about hiv aids

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इसके बाद वैज्ञानिकों ने एक ऐसे प्रतिरक्षी इंजेक्शन को तैयार किया, जिसे एचआईवी से पीड़ित मरीज को लगाया गया, जिसके बाद मरीज में उपस्थित एचआईवी के प्रभाव पूरी तरह बेअसर हो गए. यह इंजेक्शन वैक्सीन के रूप में कब बाजार में आएगा, यह अभी साफ़ कह पाना मुश्किल है. लेकिन गाय पर हुए इस शोध ने यह सिद्ध कर दिया कि हिन्दू लोग गाय को माता क्यों मानते है. यह शोध प्रसिद्ध जर्नल “नेचर” में प्रकाशित किया गया है.

वैज्ञानिकों ने परिक्षण के लिए गाय को ही क्यों चुना?

वैज्ञानिकों की माने तो गाय में रोग प्रतिरोधक क्षमता अन्य जीवों से बेहद ख़ास होती है जो कि आमतौर पर एचआईवी या उसके जैसे अन्य गंभीर वायरस से संक्रमित नहीं होती है. गाय जब ऐसे किसी खतरनाक वायरस के संपर्क में आती है तो उसके शरीर में प्रतिरक्षी कोशिकाएं तेजी से विकसित होने लगती है. इंटरनेशनल एड्स वैक्सीन इनिशिएटिव(International Aids vaccine Initiative) से जुड़े शोध के प्रमुख लेखक डेविड सोक के अनुसार एचआईवी मानव को प्रभावित करने वाला वायरस है, जिससे लड़ने की क्षमता सभी जीवों में होती है.
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आपको बताते दें कि मौजूदा दौर में एचआईवी से लड़ने के लिए कोई ईलाज मौजूद नहीं है. इससे पीड़ित व्यक्ति अपने पुरे जीवन भर जी मचलाने, उलटी-दस्त व अनिद्रा की दवाइयां लेकर अपना जीवन व्यतीत करता है. इसी बीच वैज्ञानिकों का यह शोध मानव जाति के लिए वरदान सिद्ध होगा.

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