कस्तूरबा गांधी का जीवन परिचय | Kasturba Gandhi Biography in Hindi

कस्तूरबा गांधी का जीवन परिचय | Kasturba Gandhi History Biography, Birth, Education, Earlier Life, Death, Role in Independence in Hindi

खुशी तब होती है जब आप क्या सोचते हैं, आप क्या कहते हैं, और आप क्या करते हैं सद्भाव में हैं.

– Kasturba Gandhi

भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में न सिर्फ पुरुषों ने अंग्रेज़ो के खिलाफ जंग लड़ी, बल्कि महिलाओं ने भी बढ़ चढ़ के अपना योगदान दिया था. इन्ही महिलाओं में मौजूद थी ‘कस्तूरबा गांधी’ जो ‘बा’ के नाम से विख्यात है. और वह मोहनदास करमचंद गांधी यानि पूजनीय महात्मा गांधी की धर्मपत्नी थी. तो चलिए इस लेख में आगे चलकर कस्तूरबा गांधी का जीवन परिचय विस्तार से जानते है.

प्रारम्भिक जीवन | Kasturba Gandhi Early Life

नामकस्तूरबा गांधी
जन्मतिथि11 अप्रैल 1869
जन्मस्थानकाठियावाड़, पोरबंदर, भारत
पितागोकुलदास मकनजी
माताव्रजकुंवरबा कपाडिया
पतिमोहनदास करमचंद गांधी
संतानहरिलाल, मणिलाल, रामदास, देवदास
धर्महिन्दू
Kasturba Gandhi Early Life

कस्तूरबा गांधी का जन्म 11 अप्रैल 1869 को गुजरात में काठियावाड़ के पोरबंदर नगर में हुआ था. उनके पिता का नाम गोकुलदास मकनजी एक साधारण व्यापारी थे. उनकी माता का नाम व्रजकुंवरबा कपाडिया था, जो एक गृहिणी थी. कस्तूरबा उनके माता-पिता की तीसरी संतान थी.

उस जमाने में लड़कियों को पढाई करने केलिए इजाजत नहीं दी जाती थी और काफ़ी अल्पवय में उनका विवाह कर दिया जाता था. अल्पवय में विवाह करने की भारतीय प्रथा को ‘बालविवाह’ कहते है. इसी प्रथा के अनुसार कस्तूरबा गांधी का विवाह सात साल की उम्र में महात्मा गांधी के साथ कर दिया गया. कहा जाता है कि, कस्तूरबा, महात्मा गांधी से आयु में छह मास बड़ी थी.

गांधीजी के साथ जीवन | Kasturba’s Life with Gandhiji

1888 तक दोनों साथ ही रहे. महात्मा गांधी जब इंग्लैंड से भारत लौट आये उसके बाद लगभग बारह वर्षो तक दोनों ने अलग अलग दिन गुजारे. उसके बाद गांधीजी को आफ्रिका जाना पड़ा था. 1896 में वे भारत लौट आये, उस समय वे बा को भी अपने साथ लेकर चले गए. इस समय से वह गांधीजी के साथ रहने लगी थी. बापू के हर फैसले में साथ देना, यह बा ने अपना परम कर्त्तव्य माना था. वे बापू के हर महाव्रतों में सदैव उनके साथ रहीं.

दक्षिण अफ्रीका में भारतियों की दशा के विरोध में जब वो आन्दोलन में शामिल हुईं तब उन्हें तीन महीनों केलिए गिरफ्तार कर दिया गया था. 1915 में कस्तूरबा भी महात्मा गाँधी के साथ भारत लौट आयीं. चंपारण सत्याग्रह के दौरान उन्होंने भी लोगों को सफाई, अनुशासन, पढाई आदि के महत्व के बारे में बताया. इसी दौरान कस्तूरबा ने गांव गांव घूमकर दवाइयाँ वितरण का कार्य किया था.

1922 में जब गांधी जी को गिरफ्तारी हुई, इस समय कस्तूरबा ने गुजरात के गावों का दौरा किया. क्रान्तिकारी गतिविधियों के कारण 1932 और 1933 में उनका अधिकांश समय जेल में ही गुजरा. 1939 में उन्होंने राजकोट रियासत के राजा के विरोध में भी सत्याग्रह में भाग लिया.

निधन | Kasturba Gandhi Death

1944 में जनवरी में उन्हें दो बार दिल का दौरा पड़ा. उनके निवेदन पर सरकार ने आयुर्वेद के डॉक्टर का प्रबंध भी कर दिया और कुछ समय के लिए उन्हें थोडा आराम भी मिला पर 22 फरवरी, 1944 को उन्हें एक बार फिर भयंकर दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गयी.

अनमोल विचार | Kasturba Gandhi Thoughts

  • जहाँ प्यार है, वहाँ जीवन है.
  • हमे वो बदलाव लाना चाहिए जिसे हम देखना चाहते है.
  • खुशी तब होती है जब आप क्या सोचते हैं, आप क्या कहते हैं, और आप क्या करते हैं सद्भाव में हैं.
  • मेरा जीवन मेरा संदेश है.
  • यह काफ़ी ज़्यादा है. जीवन की तेज़ी को बड़ाने के लिए.
  • अपनी दोस्त की बात नही सुने. जब वह अंदर से कहता हो. ऐसा मत करो.
  • शक्ति दो प्रकार का होता है पहली सज़ा का डर और दूसरी प्रेम की कला से. प्यार पर आधारित सकती हज़ार गुना ज़्यादा कारगर और स्थाई है.

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