बुरी नजर उतारने का मंत्र और टोटके | Najar Utarne Ka Mantra in Hindi

नजर लग जाना क्या होता हैं और बुरी नजर उतारने का मंत्र, टोटके | Najar lagane kya hota hain, Najar Utarne Ka Mantra aur totke in Hindi

दुनिया की अनेक संस्कृतियों में यह मान्यता है कि इंसानो के द्वारा जो विचार किया जाता है उनमे एक शक्ति होती है. आसान शब्दो मे कहे तो विचार निर्जीव नही होते है. उनमे भी शक्तियां होती है. इनमे निहित शक्तियों के आधार पर विचारों को दो भागों में बांटा जाता है.

  • सकारात्मक विचार
  • नकारात्मक विचार

विचार मानव समाज की तरक्की के लिए होते है वो सकारात्मक विचार. तथा जिन विचारों से किसी को नुकसान हो उन्हें नकारात्मक विचार कहते है. कुछ नकारात्मक विचारों में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा बहुत मजबूत होती है, और वह उस इंसान पर बहुत जल्द ही असर दिखाती है, जिसके बारे में यह नकारात्मक विचार आये है. यह नकारात्मक शक्ति उस इंसान को जकड़ लेती है, और उस पर अपना प्रभाव दिखाती है. इसी घटना को आम बोलचाल की भाषा में हम किसी की नजर लगना कहते है.

यदि किसी को नजर लग जाए तो उसको उतराने के लिए कई तरह के उपाय किए जाते है. जिसमे कुछ उपाय टोटके की तरह होते है. वही कुछ उपाय ऐसे भी होते है, जिसमे मंत्रो का प्रयोग करके इस नकारत्मक ऊर्जा को हटाने का प्रयास किया जाता है.

नजर उतारने का मंत्र (Najar Utarne Ka Mantra)

नजर उतराने के लिए लोगो द्वारा कुछ मंत्रो का उपयोग किया जाता है.

ॐ नमो नजर जहाँ पद पीर न जानो
बोले छल सों अमृत बानी
कहो नजर कहाँ ते आई
यहाँ की ठौर तोहि कौन बताई
कौन जात तेरी, कहाँ ठाम
किसकी बेटी क्या तेरो नाम
कहाँ से उड़ी, कहाँ की जाया
अब ही बस कर ले तेरी माया
मेरी जात सुनो चितलाय
जैसी होय सुनाऊँ आय
तेलन, तमोलन, चुहड़ी, चमारी
कायथनी, खतरानी, कुम्हारी
महतरानी, राजा की रानी
जाको दोष ताहि सिर पड़े
जाहर पीर नजर ते रक्षा करे
मेरी भक्ति, गुरु की शक्ति
फुरे मंत्र ईश्वरो वाचा

इस मंत्र का उच्चारण करने के साथ ही रोगी को मोर के पंखों के द्वारा या फिर चाकू से झाड़ते रहे. मोरे के पंखों का यदि उपयोग कर रहे है, तो उसके लिए मोर पंखों का एक झाड़ू बना ले. यदि चाकू का उपयोग कर रहे है, तो रोगी के सिर से पैर तक चाकू को छुवाते हुए नजर उतारे.

“वन गुरु इद्यास करु।
सात समुद्र सुखे जाती।
चाक बाँधूँ, चाकोली बाँधूँ, दृष्ट बाँधूँ।
नाम बाँधूँ तर बाल बिरामनाची आनिङ्गा।”

इस मंत्र का प्रभाव देखने के लिए पहले इसे सूर्यग्रहण या चंद्रग्रहण के दिन सिद्ध करे. प्रयोग हेतु इस मंत्र को पीपल के पत्ते पर लिखे और देवदत्त के स्थान पर रोगी नाम लिखे. यन्त्र को हाथ में लेकर मंत्र का जप 11 बार करे, फिर काले धागे में लपेटकर यन्त्र रोगी को दे देवें. देते वक़्त यंत्र को अगरबत्ती का धुआं दे. रोगी इस यन्त्र को शुद्ध होकर मंगलवार या शुक्रवार को धारण कर सकता है.

 Najar Utarne Ka Mantra in Hindi

“ॐ नमो भगवते श्री पार्श्वनाथाय, ह्रीं धरणेन्द्र-पद्मावती सहिताय।
आत्म-चक्षु, प्रेत-चक्षु, पिशाच-चक्षु-सर्व नाशाय, सर्व-ज्वर-नाशाय, त्रायस त्रायस, ह्रीं नाथाय स्वाहा।”


यह एक जैन ,मंत्र है, इसका उच्चारण 7 बार करे, उसके बाद रोगी को पानी पिलाये.

“हनुमान चलै, अवधेसरिका वृज-वण्डल धूम मचाई।
टोना-टमर, डीठि-मूठि सबको खैचि बलाय।
दोहाई छत्तीस कोटि देवता की, दोहाई लोना चमारिन की।”
“वजर-बन्द वजर-बन्द टोना-टमार, डीठि-नजर।
दोहाई पीर करीम, दोहाई पीर असरफ की, दोहाई पीर अताफ की, दोहाई पीर पनारु की नीयक मैद।”

इस मंत्र का ११ बार उच्चारण करें

कालि देवि, कालि देवि, सेहो देवि, कहाँ गेलि, विजूवन खण्ड गेलि, कि करे गेलि, कोइल काठ काटे गेलि।
कोइल काठ काटि कि करति।
फलाना का धैल धराएल, कैल कराएल, भेजल भेजायल।
डिठ मुठ गुण-वान काटि कटी पानि मस्त करै।
दोहाई गौरा पार्वति क, ईश्वर महादेव क, कामरु कमख्या माई इति सीता-राम-लक्ष्मण-नरसिंघनाथ क।”

इस मंत्र को पढ़ते वक़्त कुशा से रोगी को झाडे.

नजर उतारने के सामान्य उपाय (Najar Utarne ke Upay)

  • जिस व्यक्ति की नजर किसी को लगी है, यदि वो नजर लगने वाले व्यक्ति के सिर पर अपना हाथ फेर दे तो नजर उतर जाती है.
  • चाकू के द्वारा भी नजर उतारी जा सकती है. चाकू से एक आकृति जमीन पर बनाए. फिर चाकू को व्यक्ति पर छुवाते हुए सिर से पाव तक आठ बार नजर उतारे और हर बार नजर उतराने के बाद चाकू से उस आकृति को काटे, और काटते समय यह विचार करें की आप उस व्यक्ति की नजर काट रहे है.
  • राई के सात दानों के साथ नमक की सात डली और सात साबुत लाल मिर्च को एक साथ लेकर पीड़ित के सिर के ऊपर से सात बार उतारकर जलती आग में डाल दे, इस दौरान कोई भी बात न करे तो. यह पूरी प्रक्रिया बाएँ हाथ से करनी है. इस बात का ध्यान रखे कि लकड़ी आम की नही होनी चाहिए.

इसे भी पढ़े :

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *