महादान : जानिए अन्नदान करने के क्या है लाभ, इन्द्रदेव व अन्य देवता भी करते थे अन्न की उपासना

हिन्दू धर्म में दान की महिमा असीम है तथा दान का विशेष महत्व है. अन्नदान ही महादान है. और शास्त्रों के अनुसार यदि कोई सबसे बड़ा दान है तो वह अन्न दान है. यह संसार अन्न से ही बना है अर्थात अन्न से ही संसार की समस्त रचनाओं का पालन होता है. संसार में अन्न एकमात्र ऐसी वस्तु है जिससे शरीर के साथ-साथ हमारी आत्मा की भी तृप्ति होती है. इसीलिए शास्त्रों में कहा गया है कि यदि आप कुछ दान करना चाहते हो तो अन्नदान करो. अन्नदान करने से हमें बहुत ही लाभ होता है. इससे पुण्य की प्राप्ति होती है.
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आइये आपको बताते है कि अन्नदान करने से क्या लाभ होते है:

1. हिन्दू धर्म के सभी शास्त्रों में अनेक प्रकार के दान के बारे में बताया गया है, उसमें अन्नदान सबसे श्रेष्ठ है. क्योंकि संसार का मूल अन्न है, किसी के भी प्राण का मूल अन्न है. अन्न ही अमृत बनकर मुक्ति प्रदान करता है.

2. अन्न के कारण ही सात धातुएं पैदा होती हैं, अन्न ही सम्पूर्ण जगत का उपकार करता है. इसलिए यदि आप दान करना चाहते है तो अन्न का दान करना चाहिए.
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3. स्वयं इन्द्रदेव के साथ अन्य देवता भी अन्न की उपासना करते हैं, तथा वेदों में अन्न को ब्रह्मा कहा गया है. सुख की कामना करते हुए ऋषियों ने पहले अन्न का ही दान किया था. अन्नदान से ही उन्हें तार्किक और पारलौकिक सुख मिला.

शास्त्रों में कहा गया है की जो कोई श्रद्धालु विधि-विधान से अन्न का दान करता है तो उसे पुण्य अथवा मोक्ष की प्राप्ति होती है. अतः हमे अधिक से अधिक अन्नदान करना चाहिए.

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