अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का महत्व और रोचक जानकारी | International Space Day Significance and Facts in Hindi

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस कब और क्यों मनाया जाता हैं, इसका महत्व और रोचक जानकारी | Why and when International Space Day Celebrated, Significance and Facts in Hindi

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुरुआत 1997 में सरल अंतरिक्ष दिवस के रूप में हुई थी. यह दिन अज्ञात स्थान यानी अंतरिक्ष के कई अजूबों को देखने के लिए बनाया गया था, जो बच्चों को वैज्ञानिकी के इस क्षेत्र में अधिक रुचि रखने के लिए प्रोत्साहित करता है.

कई वैज्ञानिक संगठन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के दिन को प्रदर्शनों, समारोहों और शैक्षिक कार्यक्रमों के द्वारा मनाते हैं. आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका स्थानीय विज्ञान संग्रहालय या वेधशाला इस दिन कुछ अन्य कर रहा है या नही और यह आपके बच्चों के लिए आकाशगंगा के चमत्कारों के बारे में जानने का एक शानदार मौका है.

बिंदु (Points) जानकारी (Information)
नाम (Name) अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस
कब मनाया जाता हैं (Date) 3 मई (हर वर्ष)
कब से शुरू हुआ 1997

अंतरिक्ष यात्रियों को मौसम विज्ञान, समुद्र विज्ञान, भूविज्ञान, और पर्यावरण विज्ञान में प्रशिक्षित किया जाता है ताकि वे अपने मिशन में आगे बढ़ सकें. वे छवियों को पकड़ने के लिए डिजिटल कैमरों और लेंसों के साथ और भी नए-नए उपकरणों का उपयोग करते हैं.

जमीन पर वैज्ञानिकों की एक टीम अंतरिक्ष से आने वाले फोटो की पहचान करने में चालक दल की मदद करती है और वैज्ञानिक चालक दल को विशिष्ट समय, स्थानों और पृष्ठभूमि के साथ दैनिक संदेश भेजते हैं.

अद्वितीय प्रलेखन उन शोधकर्ताओं के लिए एक मूल्यवान संपत्ति बन गया है जो समय के साथ परिवर्तनों को समझने में मदद करने के लिए डेटा का उपयोग करते हैं. रुचि के क्षेत्रों के स्थान से तस्वीरों की तुलना करके, वे भूमि कवर परिवर्तन के नक्शे विकसित कर सकते हैं. पृथ्वी के वातावरण में परिवर्तन की पहचान कर सकते हैं और जल स्तर वनस्पति या शहरी फैलाव में दस्तावेज़ परिवर्तन कर सकते हैं और ये वास्तविक समय की खोज में रुचि की सुविधाओं को देखने के लिए काम करते हैं.


“अंतरिक्ष अन्वेषण अपने आप में प्रकृति का एक बल है जिसे समाज में कोई अन्य बल प्रतिद्वंद्वी नहीं कर सकता है.”

– नील डेग्रसे टायसन


अंतरिक्ष से जुडी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी (Some important information related to space)

  1. अंतरिक्ष मे जाने वाला पहला इंसान: यूरी गागरिन
  2. अंतरिक्ष मे जाने वाला पहला भारतीय: राकेश शर्मा
  3. अंतरिक्ष मे जाने वाली पहली महिला: वेलेन्टिना तरेश्कोवा
  4. चांद पर कदम रखने वाला पहला इंसान: नील आर्मस्‍ट्रॉन्‍ग
  5. सर्वप्रथम अंतरिक्ष में उपग्रह भेजने वाला देश: रूस
  6. भारत का प्रथम चालक रहित विमान: लक्ष्य
  7. चन्द्रमा पर आदमी भेजने वाला पहला देश: अमेरिका
  8. चन्द्रमा की परिक्रमा करने वाला पहला अंतरिक्ष यान: लूना-10
  9. चन्द्रमा पर मानव को पहुचाने वाला यान: अपोलो-11
  10. सबसे अधिक उम्र का अंतरिक्ष यात्री: कार्ल जी हैनिजे
  11. सबसे कम उम्र का अंतरिक्ष यात्री: गेरेमान तितोब
  12. अंतरिक्ष में जाने वाली पहली अमेरिकी महिला: सैली राइड
  13. प्रथम भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री: कल्पना चावला
  14. अंतरिक्ष मे भेजे जाने वाला प्रथम स्‍पेस शटल: कोलंबिया
  15. सबसे अधिक दिनों तक अंतरिक्ष मे रहने वाला यात्री: वलेरी पोल्याकोव
  16. अंतरिक्ष यान से बाहर निकलने वाला पहला व्यक्ति: एलैक्सी लियोनोव

अंतरिक्ष के बारे में कुछ रोचक तथ्य (Interesting Fact About Space)

  1. सौर मंडल का सबसे ऊंचा पर्वत वास्तव में एक क्षुद्रग्रह पर है. रेज़िल्विया, जिसे माना जाता है कि यह एक गड्ढा है जो वेस्टा की सतह का 90 % हिस्सा है और यह 14.2 मील लंबा है.
  2. वर्षों से यह माना जाता था कि पृथ्वी हमारे सौर मंडल का एकमात्र ऐसा ग्रह है जिसमें पानी है. अभी हाल ही में नासा ने अपने सबसे मजबूत सबूतों का खुलासा किया कि मंगल पर रुक-रुक कर पानी बहता है.
  3. ग्रह अपनी धुरी पर घूमने के लिए 243 पृथ्वी दिन लेता है, लेकिन सूर्य की परिक्रमा करने के लिए केवल 225 दिन लेता हैं.
  4. पृथ्वी पर सभी समुद्र तटों पर रेत की तुलना में ब्रह्मांड में अधिक तारे हैं. यह कम से कम एक अरब खरब है.
  5. अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मानवता के लिए अज्ञात में जश्न मनाने का एक दिन है, विज्ञान कितना दूर आ गया है और कई एसे चमत्कार जो हमारे वातावरण से परे हैं.
  6. मंगल पर सूर्यास्त नीला दिखाई देता है.
  7. बृहस्पति में बहुत अधिक चन्द्रमा हैं. वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि यहां 67 हैं जो बृहस्पति की कक्षा में हैं.
  8. चंद्रमा में कोई वायुमंडल नहीं है, इसलिए उक्त स्वर्गीय शरीर की सतह को नष्ट करने के लिए हवा का कोई रास्ता नहीं है यानि इसका अर्थ है कि चंद्रमा पर पैरों के निशान आने वाले लाखों वर्षों तक बने रहेंगे.

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