Guru Pushya Nakshatra 2021 : पुष्य नक्षत्र 2021 में कब है ? महत्त्व और शुभ मुहूर्त

Guru Pushya Nakshatra 2021 : पुष्य नक्षत्र 2021 में कब है ? महत्त्व और शुभ मुहूर्त, राशी

हिन्दू धर्म में कार्तिक महिना बड़ा शुभ महिना माना जाता है, कार्तिक महिना शुरू होते ही कई हिन्दू त्यौहार और मुहूर्त शुरू हो जाते है. उन्ही में से एक मुहूर्त है “पुष्य नक्षत्र”. दीपावली और धनतेरस से पहले लोग अलग-अलग चीजो की खरीदारी करते है और किसी भी नये काम को करने के लिए पुष्य नक्षत्र को बहुत शुभ मुहूर्त माना जाता है. हिन्दू धर्म में जब भी कुछ ख़ास करना शुरू करना होता है या कुछ न्य शुभ खरीदना होता है तब शुभ मुहूर्त देखकर ही वह काम किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी और किसी नए कार्य की शुरुआत करने से उस कार्य में सफलता जरुर मिलती है.

Guru Pushya Nakshatra

पुष्य नक्षत्र का क्या महत्व है ? (Pushya Nakshatra 2021 Significance)

पुष्य नक्षत्र सभी नक्षत्रो का राजा कहा जाता है. ज्योतिषों की माने तो उनका कहना है ” कुल 27 तरह के नक्षत्रों में में कुछ नक्षत्र बहुत ही लाभकारी और शुभ होते है, उनमे से सबसे शुभ नक्षत्र गुरु-पुष्य नक्षत्र माना जाता है”. शास्त्रों में ऐसा भी कहा गया है कि इस दिन धन और वैभव की देवी महालक्ष्मी का जन्म हुआ था. इस नक्षत्र को साल का सबसे शुभ मुहूर्त कहा जाता है, इस मुहूर्त में किये गये कार्य और खरीदारी बहुत शुभ मानी जाती है. इसलिए लोग इस दिन बहुत कुछ खरीदते है, कुछ लोग नया व्यवसाय शुरू करते है, या फिर व्यवसाय से संबधित समग्री, जिनका उपयोग पुरे वर्ष करते है, वह खरीदते है. पुष्य नक्षत्र की वजह से अशुभ घड़ी भी शुभ घड़ी में परिवर्तित हो जाती है, ग्रहों की विपरीत दिशा के बावजूद ये योग बहुत शक्तिशाली माना जाता है.

  • इस नक्षत्र में गुरु और शनि का प्रभाव होता है, इसलिए पुष्य नक्षत्र में सोने-चाँदी और लोहे की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है.
  • इस दिन बहीखातो को खरीदना, उनकी पूजा करना और नया लेखा जोखा बनाना शुभ माना गया है.
  • पुष्य नक्षत्र में पढाई की शुरुआत, मंदिर या घर निर्माण कार्य की भी शुरुआत कर सकते है.
  • ऐसी मान्यता है कि इस दौरान शुरू किया गया कार्य, की गई खरीदारी हमेशा अक्षय रहेगी, यानि जिसका कभी क्षय नहीं होगा.
  • यह दिन धनतेरस और दीपावली के सामान ही बहुर शुभ है.

पुष्य नक्षत्र 2021 में कब है ?

इस वर्ष यानि 2021 में गुरु पुष्य नक्षत्र कार्तिक माह में 28 अक्टूबर को पढ़ रहा है, इस तारीख पर गुरूवार की पूरी रात और पूरा दिन पुष्य नक्षत्र रहने वाला है. जब भी ये नक्षत्र गुरूवार के दिन आता है उसे गुरु पुष्य नक्षत्र कहा जाता है. इस वर्ष एक महा योग बनने जा रहा है, चुकी शनि शक्ति व उर्जा के भगवान माने जाते है और गुरु ज्ञान और धन के स्वामी माने जाते है, इस वर्ष शनि व गुरु की युति बनने जा रही है. यानि इस बार दोनों एक साथ मिल रहे है, ये योग महा योग माना जा रहा है. ऐसे योग में खरीदारी करना बहुत ही शुभ साबित होगा.

महान ज्योतिषों का कहना है ऐसा योग पुरे 60 वर्षो बाद बनने जा रहा है. वर्ष 1961 में ऐसा योग बना था जब गृह गोचर में पुष्य नक्षत्र के स्वामी और उपस्वामी एक साथ विराजमान हुए थे. यह एक दुर्लभ संयोग है जिसका परिणाम बहुत ही उत्तम माना जा रहा है.

गुरु पुष्य नक्षत्र तिथि 28 अक्टूबर 2021, गुरूवार
पुष्य नक्षत्र प्रारंभ 28 अक्टूबर, गुरूवार सुबह 09:41 से
पुष्य नक्षत्र समाप्त 29 अक्टूबर, शुक्रवार सुबह 11:38 तक
पुष्य नक्षत्र अति शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:42 से दोहपर 12:26 तक
विजयी मुहूर्त : दोहपर 01:34 से 02:19 तक

पुष्य नक्षत्र में क्या ख़रीदे ?

वैसे तो इस नक्षत्र में खरीदी गई हर चीज शुभ मानी जाती है, किन्तु फिर यदि आप शनि-गुरु यति से बने इस योग में सोना-चाँदी, गहने या फिर गाड़ी, किसी भी धातु या लकड़ी का फर्नीचर या फिर शेयर या प्रॉपर्टी और कोई निवेश करना चाहते है तो, आप ये सभी चीजे खरीद सकते है और भविष्य में इस सभी के बहुत अच्छे परिणाम आपको देखने को मिल सकते है.

हर व्यवसाय की शुरुआत बहीखातो से होती है, यदि आप इस शुभ मुहूर्त में बहीखाता, कलम कह्रिदते है तो, आपको व्यापार में उत्तम और शुभ परिणाम मिल सकते है.

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