जवाहर लाल नेहरू का जीवन परिचय | Jawaharlal Nehru Biography in Hindi

जवाहर लाल नेहरू का जीवन परिचय
Jawaharlal Nehru Biography, Age, Wiki, Family, Education, Religion, Marriage, Cast, Wife In Hindi

पंडित जवाहरलाल नेहरू जिन्हे प्यार से बच्चे “चाचा नेहरू” कहकर बुलाते थे, वे देश के महान स्वतंत्रता सेनानी तथा आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे. चाचा नेहरू को बच्चो से बहुत लगाव था और वे उनकी शक्तियों में विश्वास रखते थे. उन्होंने यह भी कहा है की भारत का भविष्य बच्चो के हाथों में है. भारत स्वतंत्रता के पूर्व और पश्चात् भारतीय राजनीति में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है. वे आधुनिक भारत के सर्वाधिक प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक थे. नेहरू ने अपना जीवन राष्ट्र के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कल्याण के लिए समर्पित कर दिया. 

जवाहर लाल नेहरू का जीवन परिचय | Jawaharlal Nehru Biography in Hindi

बिंदु (Points)जानकारी (Information)
नाम (Name)जवाहरलाल नेहरू
उपनाम (Nickname)चाचा नेहरू
जन्म (Date of birth)14 नवम्बर 1889
जन्म स्थान (Birth place)इलाहबाद, उत्तरप्रदेश
पिता का नाम (Father’s name)मोतीलाल नेहरु
माता का नाम (Mother’s name)स्वरूपरानी नेहरु,
धर्म (Religion)हिन्दू
जाति(Cast)ब्राह्मण
वैवाहिक स्थिति (Marital status)विवाहित
व्यवसाय (Occupation)राजनीति
राजनीतिक पार्टी (Political party)इंडियन नेशनल कांग्रेस
Jawaharlal Nehru Biography in Hindi
Jawaharlal Nehru

प्रारंभिक जीवन एवं परिवार (Jawaharlal Nehru Birth & Early Life)

जवाहरलाल नेहरूजी को उनके पिता मोतीलाल नेहरू जी ने 15 वर्ष की आयु में ही स्कूली शिक्षा पूरी करने केलिए इंग्लैंड के हैरो स्कूल में भेज दिया. पश्चात नेहरूजी  ने अपनी कॉलेज की शिक्षा ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज (लंडन) से पूरी की. इसके बाद उन्होंने लॉ में डिग्री हासिल करने के लिए  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में दाखिला लिया. इंग्लैंड में नेहरू जी ने सात साल व्यतीत किए जिसमें वहां के फैबियन समाजवाद और आयरिश राष्ट्रवाद के लिए उन्होंने एक तर्कसंगत दृष्टिकोण विकसित किया. इंग्लैंड में लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद, नेहरूजी 1912 में भारत लौटे और वकालत शुरू की.

1916 में उन्होंने कमला नेहरू से शादी कर ली. फिर 1917 में जवाहर लाल नेहरू होम रुल लीग‎ में शामिल हुए. 1919 में उनका संपर्क महात्मा गांधीजी से हुआ. नेहरूजी गांधीजी के सक्रिय लेकिन शांतिपूर्ण विचारधारा से प्रभावित हुए. गांधीजी के उपदेशों के अनुसार उन्होंने अपने पिता मोतीलाल नेहरू की संपत्ति का त्याग किया. अब उन्होंने गांधीजी के बताए हुए मार्ग पर चलने का निर्णय किया था.

वे अब खादी के कपडे और गांधी टोपी पहनने लगे. 1920-1922 के असहयोग आंदोलन में उन्होंने सक्रिय हिस्सा लिया था और इस दौरान उन्हें पहली बार गिरफ्तार किया गया था. 1926 में जवाहरलाल नेहरू अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव बने. 1929 में कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष चुना गया था. इसी सत्र के दौरान “पूर्ण स्वराज्य” की मांग की गयी थी.

जवाहरलाल नेहरू ने 26 जनवरी 1930 को लाहौर में स्वतंत्र भारत का झंडा लहराया. 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान नेहरूजी को गिरफ्तार किया गया था. 15 अगस्त 1947 को भारत देश आज़ाद हुआ. महात्मा गांधी जी के कहने पर जवाहरलाल नेहरूजी को आज़ाद देश का सर्वप्रथम प्रधानमंत्री बनाया गया. जवाहरलाल नेहरू ने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है.

जवाहरलाल नेहरु मृत्यु (Jawaharlal Nehru Death)

पंडित जवाहरलाल नेहरू एक उत्तम लेखक थे. उनके राजनीतिक और संघर्षमय जीवन के बावजूद उन्होंने कई महान ग्रंथों का अध्ययन किया था. उनके द्वारा कई पुस्तकों की रचना की गयी है. भारत की खोज (डिस्कवरी ऑफ इंडिया) की रचना 1944 में अप्रैल-सितंबर के बीच अहमदनगर जेल में जवाहरलाल नेहरू के द्वारा अंग्रेजी में की गई थी.

“भारत की खोज पर” आधारित “भारत एक खोज” नाम से एक धारावाहिक का भी निर्माण हुआ है. उनकी आत्मकथा मेरी कहानी (ऐन ऑटोबायोग्राफी) में उनके जीवन और संघर्ष की कहानी वर्णित की गयी है. नेहरू जी ने पिता के पत्र : पुत्री के नाम – 1929 , विश्व इतिहास की झलक (ग्लिंप्सेज ऑफ़ वर्ल्ड हिस्ट्री) – 1933, राजनीति से दूर, इतिहास के महापुरुष, राष्ट्रपिता जैसी महान पुस्तकों की रचना की है.

इन पुस्तकों के अलावा नेहरू जी ने अनगिनत व्याख्यान दिये, लेख लिखे तथा पत्र लिखे है.  ‘जवाहरलाल नेहरू स्मारक निधि’ ने जवाहरलाल नेहरू वांग्मय नामक ग्रंथ माला का प्रकाशन अंग्रेजी में 15 खंडों में किया तथा हिंदी में सस्ता साहित्य मंडल ने इसे 11 खंडों में प्रकाशित किया है. 27 मई 1964 को नेहरू जी को दिल का दौरा पड़ा जिसमें उनकी मृत्यु हो गयी. हर साल 14 नवंबर यह दिन भारत में “बाल दिवस “ के रूप में मनाया जाता है.

इसे भी पढ़े :

Leave a Comment