कचनार वृक्ष के औषधीय गुण और फायदे | Kachnar Ke Fayade in Hindi

कचनार वृक्ष के औषधीय गुण और विभिन्न बिमारियों में इसके फायदे की सूची | Kachnar (Mountain Ebony Tree) Ke Fayade in Hindi

कचनार का वृक्ष आयुर्वेद के लिए वरदान है. यह एक प्रसिद्ध पौधा है और यह पूरे भारत में पाया जाता है. इसकी मुख्य रूप से दो प्रजातियां होती हैं. परंतु गुलाबी कचनार का अधिक महत्व है. इस वृक्ष की ऊंचाई 50 से 60 फीट तक होती है. इस वृक्ष का उपयोग भारत के ग्रामीण क्षेत्र और आदिवासी क्षेत्रों में अधिक उपयोग किया जाता है. अलग-अलग भाषाओँ में कचनार को बहुत से नामों से जाना जाता हैं.

हिंदी कचनार
मराठी कांचन, कोरल
गुजराती चंपाकाटी
बंगाली कांचन
अंग्रेजी माउन्टेन एबोनी (Mountain Ebony)
लैटिन बाहिनिया वेरिएगेटा (Bauhinia Variegate)

कचनार के औषधीय फायदे (Kachnar Ke Aushadhiya Fayade)

मुंह के छालों में कचनार का प्रयोग

सामान्यतः पेट की गर्मी और अन्य कारणों से मुंह में छाले हो जाते हैं. कचनार की छाल का उपयोग छालों को ठीक करने के लिए बहुत ही फायदेमंद है. कचनार की छाल को 10 ग्राम लेकर 100 ग्राम पानी में उसका काढ़ा बना ले. नियमित रूप से इस मिश्रण के गरारे करें.

पेट के रोग के लिए

पेट के विभिन्न रोग जैसे अल्सर दस्त आदि की समस्याओं से निदान के लिए कचनार के वृक्ष की छाल का उपयोग किया जा सकता है. इस वृक्ष के छाल का पाउडर बनाकर प्रतिदिन सुबह शाम 3 ग्राम पानी के साथ नियमित रूप से सेवन करना चाहिए.

रक्त सम्बन्धी समस्यों में

जिन लोगों में खून की कमी की शिकायत होती है. वे लोग नियमित रूप से कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर नियमित रूप से सेवन करने से खून की कमी को दूर करता हैं. और या खून को शुद्ध करने का कार्य भी करता हैं. कचनार के फूल की सब्जी भी बनायीं जाती हैं.

गाँठ सम्बन्धी समस्यों में

कचनार की छाल का उपयोग शरीर में होने वाली गांठ को ठीक करने के लिए भी किया जाता है. कचनार की छाल का पाउडर सौंठ में मिलाकर उपयोग करने से शरीर की गाँठ ठीक हो जाती हैं. इसके तुरंत परिणाम दिखाई नहीं देते. लगभग 20 से 30 दिनों के बाद यह अपना कार्य करना शुरू करता है.

खाँसी और दमे सम्बन्धी समस्यों में

कचनार की छाल का काढ़ा शहद के साथ मिलाकर उपयोग करने से खांसी और दमे में आराम मिलता है. दमे की समस्याओं में इसका परिणाम लगभग एक माह के बाद दिखाई देता हैं.

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भारत में इस प्रकार की कई औषधियां उपलब्ध है जिनके बारे में हम बिलकुल अनभिज्ञ है, यदि आप इसी प्रकार की ओर जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो हमें कमेंट करें.

Ujjawal Dagdhi

Ujjawal Dagdhi

उज्जवल दग्दी दिल से देशी वेबसाइट के मुख्य लेखकों में से एक हैं. इन्हें धार्मिक, इतिहास और सेहत से जुडी बातें लिखने का शौक हैं.

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