अच्छे साहित्य के अध्ययन पर भाई को पत्र | Application to Brother on Study of Good Literature

अच्छे साहित्य के अध्ययन से होने वाले लाभ की जानकारी देते हुए अपने छोटे भाई को एक प्रेरक पत्र | Hindi Application For Study Good Literature to Brother in Hindi

जब कभी हम लोग अपने घर पर काफी महीनों से घर पर ना होकर कहीं बाहर, होस्टल में या तो फिर विदेश में होते है ,तब हम अपने छोटे भाई-बहन के हाल चाल को जानने के लिए उनसे बातचीत करने के लिए जो पत्र का इस्तेमाल करते है. उसको अनौपचारिक पत्र कहते है. हमने आपके लिए जो पत्र लिखा है वह भी एक अनौपचारिक पत्र है, जिसमे एक बड़ा भाई अपने छोटे भाई को सलाह देता है कि उसको अपना ध्यान पढ़ाई पर देना चाहिए ना की बाहरी दुनिया पर. हमें आशा है कि यह पत्र से आपको सहायता प्राप्त होगी एवं इस तरह के पत्र बोर्ड एग्जाम में भी कभी कभार पूछ लिए जाते है.

अनौपचारिक पत्र

प्रिय अनुज, 
शुभाशीष!
कल ही माँ का पत्र प्राप्त हुआ जिससे यह ज्ञात हुआ कि तुम्हारी अर्धवार्षिक परीक्षा का परिणाम संतोषप्रद नहीं है. मुझे यह भी पता चला कि तुम्हारा मन आजकल पढ़ाई में न लगकर बाहर की दुनिया में ज्यादा लगता है. ये पूर्णतः गलत है. तुम अच्छी पुस्तकें पढ़ा करो. अच्छा साहित्य जीवन का दर्पण होता है वह हमारे मन के अंधकार (कलुषित विचारों) को दूर कर हमें नई प्रदान करता है. साहित्य मनुष्य की चेतना का दान है. साहित्य शक्ति का भी होता है जिसका प्रभाव मानव जीवन पर पड़ता है.
मेरे प्रिय अनुज अब तुम्हारी यह अवस्था नहीं है कि तुम अच्छे बुरे की पहचान न कर सको. तुमरे पास अभी भी समय है तुम अपने जीवन को अपने अध्ययन के द्वारा सुधार सकते हो. अन्यथा समय बीत जाने पर के कुछ भी हासिल नहीं होगा.
माँ एवं पिता जी को मेरा प्रणाम कहना पत्र की प्रतीक्षा में तुम्हारा
शुभ चिंतक एवं बड़ा भाई
अक्षय

ध्यान देने योग्य आवश्यक बातें

पत्र प्लेन पेपर पर लिखें : पत्र को हमेशा प्लेन पेपर पर लिखा होना चाहिए, किसी भी प्रकार की अन्य जानकारी पत्र के साथ ना लिखी हुई हो. इसके अलावा पत्र को पूरे पेज पर लिखा होना चाहिए, एक पेज को दो हिस्सों में करके ना लिखे.
गलती ना हो : कई बार छात्र पत्र लिखते समय कई गलतियाँ कर देते हैं. इसीलिए जरुरी हैं कि पत्र में किसी भी प्रकार की शब्दों से जुडी हुई गलतियाँ नहीं होनी चहिए.
विषय की स्पष्टता : पत्र लिखते समय हमारा विषय स्पष्ट होना चाहिए. उसमे समझाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. हमारे लिखे हुए शब्द सरल एवं स्पष्ट होने चाहिए ऊपर लिखे पत्र में भी आपने पढ़ा होगा कि बड़े भाई ने सरल एवं स्पष्ट शब्दों को लिखा है, जिसको कोई भी पढ़ सकता है.
लेखन की सुन्दरता : पत्र की लेखन कला का भी आवदेन प्राप्तकर्ता के सामने प्रभाव पड़ता हैं. लेखन जिनता सुन्दर और मात्रा की गलतियों के बिना होगा उनता उन्नत रहेगा एवं एक बात का ध्यान रखे की पत्र के अक्षर एक समान लिखे हो कोई अक्षर बड़ा या छोटा नहीं होना चाहिए.

आशा हैं की आपको यह पत्र अच्छा लगा होगा. इसी तरह की और पत्र लेखन प्राप्त करने के लिए हमारी वेबसाइट के Notification को Allow करके हमारी वेबसाइट से जुड़े. इसी प्रकार के अन्य विषय पर यदि आप पत्र चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखे.

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