बेरोजगारी की समस्या पर अनुच्छेद लेखन | Article on the Problem of Unemployment in Hindi

बेरोजगारी की समस्या पर अनुच्छेद | Article on the problem of unemployment | Berojgari Ki Samasya Par Paragraph

समाज से जुडी हुई कोई भी समस्या पर अगर हम लेखन या अनुच्छेद लिखते है, तो वे अनुच्छेद समस्यात्मक अनुच्छेद की शैली में आते है. इस शैली का प्रयोग हम उन विषय पर करते है, जिन विषय का कारण किसी भी समस्या से जुडा होता है. हमने जो “बेरोजगारी की समस्या” के विषय पर अनुच्छेद लिखा है. यह समस्या हमारे देश और युवाओं के लिए काफ़ी बड़ी समस्या है.

समस्यात्मक अनुच्छेद

बेरोजगारी की समस्या

संकेत बिन्दु – (1) बेरोजगारी क्या है (2) कारण (3) समस्या (4) समाधान 

रोजगार के साधन या अवसर का ना होना ही बेरोजगारी है. बेरोजगारी भारत की बड़ी समस्याओं में से एक है. लोगों को जीवन यापन करने के लिए स्थायी रोजगार की समस्या बलवती है. शिक्षित बेरोजगारों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. इस समस्या के पीछे कई कारण हैं. जैसे जनसंख्या वृद्धि, आर्थिक मंदी, अशिक्षा, रोजगारोन्मुखी शिक्षा की कमी, कुटीर उद्योगों का बंद होना, बड़े औद्योगिक क्षेत्रों की कमी, प्राकृतिक संसाधनों की कमी से उद्योग-धंधों का बंद होना आदि ऐसे कारण हैं जो बेरोजगारी को आमंत्रण देते हैं. इस समस्या से मानव जीवन प्रभावित होकर अन्य समस्याओं को जन्म देता है. रोजगार के न मिलने से युवाओं में हताशा, निराशा, विवाह का न होना, फलस्वरूप अनैतिक कार्यों की और भटकाव, आधारभूत जरूरतों को पूरा करने की चाहत से चोरी, भ्रष्टाचारी, गैर कानूनी काम-धंधों को अपनाने जैसी नई समस्याएँ उत्पन्न होती हैं. कुछ युवा व परिवार का मुखिया आजीविका के अभाव में आत्महत्या को अंजाम देते हैं जो समाज और देश के लिए दुखद स्थिति है. बेरोजगारी की समस्या से निजात पाने के लिए युवाओं को स्वरोजगार अपनाना चाहिए. कुटीर व छोटे उद्योग धंधों को अपनाकर कुछ हद तक इस समस्या को कम किया जा सकता है. रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए. कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर युवाओं को छोटे-मोटे काम धंधे अख्तियार कराए जा सकते हैं.
“स्वरोजगार अपनाओ, बेरोजगारी दूर भगाओ

अनुच्छेद लिखने की रीति

हम अगर इन बातों का ध्यान रखे तो हम अनुच्छेद को बिल्कुल सटीकता से लिख सकते है.

  • किसी भी विषय पर अगर हमें अनुच्छेद लिखना है, तो हमें उस विषय की जानकारी होना अति आवश्क है.
  • चुने हुए विषय पर लिखने से पहले चिन्तन-मनन करे ताकि मूल भाव भली-भाँति स्पष्ट हो सके.
  • विषय को प्रस्तुत करने की शैली अथवा पद्धति तय होनी चाहिए.
  • लिखते समय सरल भाषा का प्रयोग करे एवं ध्यान रखे की विषय के अनुकूल होनी चाहिए.
  • मुहावरे और लोकोक्तियों आदि का प्रयोग करके भाषा को सुंदर एवं व्यावहारिक बनाने का प्रयास करे.
  • अनुच्छेद लिखते समय मात्राओं की गलती एवं कटा-पिटी ना हो इस बात को हमेशा याद रखे.

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