पानी की किल्लत बढ़ने पर महापौर को पत्र | Application to the Mayor on Increasing Water Shortage in Hindi

पानी की किल्लत दिन-प्रतिदिन बढ़ने पर महापौर को पत्र | letter to the mayor to inform that the water shortage is increasing day by day

जब कभी क्षेत्र में हमे कोई परेशानी होती है और हम जब नगरपालिका को उसके बारे में शिकायत करते है एवं नगरपालिका हमारी शिकायत नहीं सुनती है तब हम उस शिकायत को महापौर तक पत्र के माध्यम से भेजते है, उस पत्र को औपचारिक पत्र कहते है. इस पत्र में जब एक व्यक्ति की गर्मी के कारण दिन-प्रतिदिन पानी की किल्लत बढ़ती जा रही थी, तब उसने जबलपुर नगर निगम के महापौर को पत्र लिखा.

औपचारिक पत्र

प्रति,

महापौर,

नगर निगम, जबलपुर (म.प्र.)

विषय-नगर में जल को अनियमित आपूर्ति बाबत्.

महोदय,

मैं आपका ध्यान नगर की जल आपूर्ति समस्या की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ. गर्मी के इस मौसम में जबकि पानी की अधिक आवश्यकता होती है, नगर की जल आपूर्ति प्रायः ठप्प रहती है. प्रातः तथा सायं केवल एक-दो घण्टे ही नलों में पानी आता है तथा दबाव इतना कम होता है कि ऊँचे स्थानों पर रहने वालों को पानी मिल ही नहीं पाता. लाला लाजपतराय वार्ड जबलपुर में पानी की किल्लत दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है.अनेक बार इस सम्बन्ध में पूर्व में भी अधिकारियों को लिखा गया, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है.

अतः आपसे निवेदन है कि लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नियमित जल आपूर्ति की सुचारु व्यवस्था करने के लिए आवश्यक कदम उठायें, जिससे नागरिकों को राहत मिल सके.

धन्यवाद !

दिनांक- 28-9-20…

निवेदक

मुहल्ले के नागरिकगण

ध्यान देने योग्य आवश्यक बातें

पत्र प्लेन पेपर पर लिखें : पत्र को हमेशा प्लेन पेपर पर लिखा होना चाहिए, किसी भी प्रकार की अन्य जानकारी पत्र के साथ ना लिखी हुई हो. इसके अलावा पत्र को पूरे पेज पर लिखा होना चाहिए, एक पेज को दो हिस्सों में करके ना लिखे.

गलती ना हो : कई बार छात्र पत्र लिखते समय कई गलतियाँ कर देते हैं. इसीलिए जरुरी हैं कि पत्र में किसी भी प्रकार की शब्दों से जुडी हुई गलतियाँ नहीं होनी चहिए.

विषय की स्पष्टता : पत्र लिखते समय हमारा विषय स्पष्ट होना चाहिए. उसमे समझाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. हमारे लिखे हुए शब्द सरल एवं स्पष्ट होने चाहिए ऊपर लिखे पत्र में भी आपने पढ़ा होगा कि मोहल्ले गर्मी के कारण दिन-प्रतिदिन पानी की किल्लत बढ़ती जा रही थी तब उसने जबलपुर नगर निगम के महापौर को पत्र लिखकर लापरवाह कर्मचारियों की शिकायत की.

लेखन की सुन्दरता : पत्र की लेखन कला का भी आवदेन प्राप्तकर्ता के सामने प्रभाव पड़ता हैं. लेखन जिनता सुन्दर और मात्रा की गलतियों के बिना होगा उनता उन्नत रहेगा एवं एक बात का ध्यान रखे की पत्र के अक्षर एक समान लिखे हो कोई अक्षर बड़ा या छोटा नहीं होना चाहिए.

आशा हैं की आपको यह पत्र अच्छा लगा होगा. इसी तरह की और पत्र लेखन प्राप्त करने के लिए हमारी वेबसाइट के Notification को Allow करके हमारी वेबसाइट से जुड़े. इसी प्रकार के अन्य विषय पर यदि आप पत्र चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखे.

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