केदारनाथ त्रासदी की विस्तृत जानकारी | Kedarnath Tragedy in Hindi

केदारनाथ त्रासदी की की जानकारी, कैसे हुई यह घटना और आने वाली फिल्मे | Kedarnath Tragedy Details, Causes and Upcoming Movies in Hindi

केदारनाथ मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग में से हैं. यह भगवान शिव का सबसे ऊँचाई पर स्थित मंदिर हैं. यह बारह ज्योतिर्लिंग में से सबसे खुबसूरत प्राकृतिक वातावरण में बना हुआ हैं. प्राकर्तिक रूप से विषम परिस्थितियों में होने के कारण यह मंदिर बारह महीने में केवल छह माह के लिए ही खुला होता हैं. इसी कारण जैसे ही इस मंदिर के कपाट खुलते हैं वैसे ही केदारनाथ में भक्तों का ताँता लग जाता हैं. देश विदेश से सैलानी यहाँ भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं और प्राकृतिक वातावरण में आनंद उठाते हैं.

केदारनाथ त्रासदी (Kedarnath Tragedy)

केदारनाथ मंदिर के इतिहास में एक दुखद घटना भी शामिल हैं जिसे केदारनाथ त्रासदी के नाम से भी जाना जाता हैं. 16 जून, 2013 को केदारनाथ मंदिर पर भारी बारिश और बादल फटने जैसी घटना कहर बनकर टूट पड़ी थी. इस घटना ने पूरे उत्तराखंड के हालात बदल दिए थे. 2004 में आई सुनामी आपदा के बाद केदारनाथ त्रासदी दूसरी सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा थी. इस त्रासदी में पांच हजार से भी ज्यादा लोगों में अपनी जान गवां दी थी. जिसमे से हजारों तो ऐसे थे जिनका आज तक कुछ अता पता नहीं हैं.

केदारनाथ त्रासदी के 1 दिन बाद 17 जून 2013 का विडियो

कैसे आई थी केदारनाथ त्रासदी (Cause of Kedarnath Tragedy)

केदारनाथ त्रासदी के आने की सबसे बड़ी वजह 2013 में 14-17 जून के बीच हुई भारी बारिश को बताया गया हैं. 14 जून से उत्तराखंड में मेघ पहाड़ी क्षेत्रों में काफी जोर से बरसे थे. उत्तराखंड की बारिश सभी अनुमानों से कई गुना ज्यादा थी.

पर्वतों पर हो रही बारिश के कारण केदारनाथ के ऊपरी इलाके में स्थित चोराबरी ग्लेशियर पूरी तरह पिघल गया था. चोराबरी ग्लेशियर के नीचे ही चोराबरी झील भी हैं. जिसमे ग्लेशियर का पानी जमा होता था. भारी बारिश और ग्लेशियर पिघल जाने की वजह से इस झील में एकाएक पानी का स्तर काफी बड़ा गया और यह झील फट गयी. जैसे ही यह झील फटी सारा पानी मन्दाकिनी नदी के जरिये केदार घाटी में पहुँच गया.

जब यह सब पूरा घटनाक्रम हुआ तब 16 जून की रात का समय था. सभी दर्शनार्थी मंदिर के सामने बने कच्चे और अव्यवस्थित मकानों में सो रहे थे. जैसे ही केदारनाथ में बाढ़ आई किसी को समझने का मौका नहीं मिला और सभी लोग नदी के बहाव में बह गए. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस तबाही में पांच हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई थी, वहीं कई ऐसे हैं जिनका अब तक कोई अता पता नहीं है. सेना और वायु सेना ने इस त्रासदी के बाद मिलकर सवा लाख लोगों को बाढ़ से निकालकर उनकी जान बचाई.

बाढ़ के बाद का मंजर इनता भयावह था जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता था. केदारनाथ मंदिर के प्रांगण में लाशों के ढेर लगे हुए थे. केदारनाथ से तीनों दिनों तक लोगों को बचाने का काम चलता रहा. कई दिनों तक सेना, वायुसेना, जलसेना, आईटीबीपी, बीएसएफ और एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में लगी रहीं. इस घटना के बाद दो साल तक केदारनाथ की यात्रा पर रोक लगा दी गई. लेकिन आज भी उत्तराखंड उस बाढ़ के चोट से उभर नहीं पाया हैं.

केदारनाथ त्रासदी पर शो और फिल्म (Movies and show on Kedarnath Tragedy)

केदारनाथ त्रासदी भारत के इतिहास में सबसे भयावह प्राकृतिक आपदा में से एक हैं. इस पर नेशनल जियोग्राफिक चैनल ने डॉक्यूमेंट्री टाइप का शो “केदारनाथ :रिस्टोरिंग द फैथ” नामक शो बनाया था. जिसमे इस त्रासदी के बारे में और उसमे फंसे लोगों के अनुभवों के बारे में बताया गया हैं.

इस शो के अलावा निर्देशक अभिषेक कपूर द्वारा केदारनाथ त्रासदी पर एक फिल्म भी बनाई गयी हैं जो कि 7 दिसंबर 2018 को रिलीज़ होने जा रही हैं. यह फिल्म प्रेम कहानी होगी जो कि केदारनाथ त्रासदी घटनाक्रम पर आधारित होगी. इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत और अभिनेत्री के तौर पर सारा अली खान दिखेगी.

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Shashank Sharma

Shashank Sharma

शशांक दिल से देशी वेबसाइट के कंटेंट हेड और SEO एक्सपर्ट हैं और कभी कभी इतिहास से जुडी जानकारी पर लिखना पसंद करते हैं.

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