परशुराम जयंती क्यों मनाई जाती हैं व महत्व और शायरी मैसेज | Parshuram Jayanti Story and Shayari Message in Hindi

परशुराम जयंती (2019) कब और क्यों मनाई जाती हैं इसका महत्व और शायरी मैसेज | Why Parshuram Jayanti Celebrated, Significance and Shayari Message in Hindi

भगवान परशुराम जिन्हें विष्णु जी का छठा अवतार कहा जाता है. परशुराम जयंती वैशाख माह के शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाती है. अक्षय तृतीया को परशुराम जयंती के रूप में बनाया जाता है. इस दिन का विशेष महत्त्व होता है क्योकि ऐसा माना जाता है कि इस दिन किये गए पुण्य का प्रभाव कभी ख़त्म नही होता है. भगवान परशुराम की माता का नाम रेणुका और पिता ऋषि जमदग्नि थे. वे उनकी चौथी संतान थे.

परशुराम का तेज और शौर्य ही था कि उन्होंने कार्तवीर्य सहस्रार्जुन का वध करके अराजकता को समाप्त किया तथा नैतिकता और न्याय का साथ दिया. भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में जन्म लिया उनका मुख्य उद्देश्य धर्मं की स्थापना और अधर्म को मिटाना था. इनकी गिनती हनुमान, महर्षि वेदव्यास, रजा बलि, विभीषण, अश्वत्थामा, ऋषि मार्कंडेय, कृपाचार्य जैसे अवतारों में होती है.

परशुराम पृथ्वी के पापबोझ को नष्ट करने और सभी प्रकार की बुराई को दूर करने के लिए आए थे. इस दिन उपवास रखना बहुत फायदेमंद माना जाता है. इस दिन से हिंदू संस्कृति के स्वर्ण युग की शुरुआत हुई है और इसे पूरे भारत में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है. परशुराम जयंती पर दान और ब्राह्मण को भोजन भी कराया जाता है.

परशुराम जयंती 2019 तारीख और मुहूर्त (Parshuram Jayanti Date and Muhurat)

वर्ष 2019 में परशुराम जयंती 7 मई मंगलवार के दिन हैं.

परशुराम जयंती पर महत्वपूर्ण समय

सूर्योदय07 मई 2019 05:53 पूर्वाह्न
सूर्यास्त07 मई 2019 18:53 बजे
तृतीया तिथि (शुरुआत)07 मई 2019, 03:18 पूर्वाह्न
तृतीया तिथि (समाप्त)08 मई 2019, 02:17 बजे

परशुराम जयंती क्यों मानते है. (Why Parshuram Jayanti Celebrated)

परशुराम को अपार ज्ञान था और वे एक महान योद्धा भी थे. वे मानव जाति के हित के लिए जीना चाहते थे. वे एक महान इंसान थे. परशुराम ने हमेशा जरूरतमंद लोगों की मदद की. इस दिन शुभ मुहूर्त देखे बिना ही कार्य किए जाते हैं क्योकि इस दिन को शुभ माना जाता है. परशुराम जयंती को हिंदुओं द्वारा समर्पण और उत्साह के साथ मनाया जाता है. मूल रूप से परशुराम का नाम राम था.

भगवान परशुराम की कहानी (Lord Parshuram Story)

भगवान परशुराम के के बारे में कुछ कहानियां बहुत प्रसिद्ध हैं. प्राचीन काल में महिष्मती नगरी नाम का एक शहर था. इस शहर पर हैहय वंश के कार्तवीर्य अर्जुन का शासन था. देवी पृथ्वी भगवान विष्णु के पास गई क्योंकि वह क्षत्रियों से परेशान थी. उसने उनसे मदद मांगी तभी भगवान विष्णु ने उसे वचन दिया कि वह क्षत्रियों को नष्ट करने के लिए जमदग्नि को एक पुत्र के रूप में जन्म लेगा. भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में अवतार लिया और राजाओं को हराया.

परशुराम ने अर्जुन को मारा और 21 बार क्षत्रियों से पृथ्वी को मुक्त किया. उन्होंने सामंतपंचक जिले में पांच तालाबों को अपने खून से भर दिया. संत त्रिचिक ने परशुराम को ऐसा करने से रोका इसलिए उन्होंने पृथ्वी को संत कश्यप को उपहार में दिया और महेंद्र पर्वत पर रहने लगे.

जानापाव की पहाड़ी पर भगवान परशुराम का जन्म हुआ. यहाँ पर परशुराम के पिता ऋर्षि जमदग्नि का आश्रम था. कहते हैं कि प्राचीन काल में इंदौर के पास ही मुंडी गांव में स्थित रेणुका पर्वत पर माता रेणुका भी रहती थीं.

महत्वपूर्ण तथ्य (Interesting Facts)

  1. भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार थे.
  2. पिता की आज्ञा का पालन करते हुए उन्हें अपनी माता का वध करना पडा और पिता से ही वरदान मांगकर उन्होंने अपनी माता को पुनः जीवित किया.
  3. खास बात यह है की अक्षय तृतीय को दो अन्य भगवान नर -नारायण और हयग्रीव का भी अवतार हुआ था.
  4. परशुराम जी ने अपने बाल्य जीवन में भोलेनाथ की महा तपस्या की जिससे उनका नाम परशुराम पडा.
  5. परशुराम के अनेक नाम जैसे – रामभद्र, भृगुपति, भागर्व, भृगुवंशी से जाना जाता है.
  6. परशुराम वीरता के प्रमुख है.
  7. परशुराम जी जन्म से ब्राह्मण थे.
  8. विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म श्रीराम के पूर्व हुआ था. श्रीराम सातवें अवतार थे. वर्तमान शोधकर्ताओं के शोधानुसार श्रीराम का जन्म 5114 ईसा पूर्व हुआ था. दूसरी ओर माथुर चतुर्वेदी ब्राह्मणों के ‘इतिहास-लेखक’ के अनुसार भगवान परशुराम का जन्म 5142 वि.पू. वैशाख शुक्ल तृतीया के दिन रात्रि के प्रथम प्रहर में हुआ था.
  9. भगवान परशुराम का जन्म 6 उच्च ग्रहों के योग में हुआ, इसलिए वह तेजस्वी, वर्चस्वी, और ओजस्वी महापुरुष बने.

परशुराम जयंती के लिए शायरी मैसेज (Parshuram Jayanti Shayari Messages)

अंगारे नहीं फौलाद है हम
परशुराम की औलाद है हम
ब्राह्मण वंश के हम चीते हैं
जो खुद के जिगर पर जीते हैं
जय श्री परशुराम


ब्राह्मण ” बदलते हैँ तो नतीजे बदल जाते हैँ,
सारे मंजर, सारे अंजाम बदल जाते हैँ,
कौन कहता है परशुराम फिर नहीं पैदा होते..?
पैदा तो होते है बस नाम बदल जाते हैँ.


बन्दूक????का जमाना है इसलिए
तलवारे????म्यांन मे रख कर बैठे है.
वरना जितने तूने बाइक???? से किलोमीटर????नही काटे,
उतने हमारे पूर्वजो????ने सर????काटे हैं!!
जय दादा परशुराम की.!


Parshuram Jayanti Status

परशुराम का फरसा एक बार चमकाना होगा
जहाँ राम ने जन्म लिया मंदिर वही बनाना होगा
जय श्री राम
जय श्री परशुराम


ये पंडित हिट तो नहीं होना चाहता..
परशुराम दादा पर इतना
काबिल जरूर बना दे की…..
मेरे दोस्त लोग छाती ठोक के कहे…
ये पंडित यार है अपना यार
जय दादा परशुराम


शेरनी की नस्लें, सियार पैदा नहीं करती
ब्राह्मण की मां गद्दार पैदा नहीं करती
सुनो दुनिया वालो…!
भेड़ियों की ताकत से चीते मरा नहीं करते और
परशुराम के दीवाने किसी से डरा नहीं करते…


Jai Parshuram Status

अंगारे नहीं फौलाद है हम
परशुराम की औलाद है हम
ब्राह्मण वंश के हम चीते हैं
जो खुद के जिगर पर जीते हैं


बहुत राम बन लिए हिंदुओं अब
परशुराम बनने का समय आ गया है,
घर घर भगवा छाएगा राम राज फिर आएगा.


महाकाल के बेटे है। परशुराम बनने पर😠 मजबुर मत करो
वरना॰॰ ईतने सर काटुगा
जननत मागने वालो नाली भी गीने चुने 💪को ही नसीब होगी
बामण रुठा तो भुकंप 😠आ जायेगा ✊✊💪💪
जय महाकाल


कुछ नशा है “केसरिया” की आन का🚩
कुछ नशा है “मातृभूमि” की शान का🚩
लहरा देंगे “भगवा” पूरे ” भारत” में क्योंकि🚩
है ये नशा “श्री परशुराम” के सम्मान का
परशुराम जयंती की शुभकामना


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