आईपीएस अरुण बोथरा की कहानी | IPS Arun Bothra Biography in Hindi

आईपीएस अरुण बोथरा की कहानी |
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आईपीएस अरुण बोथरा, इन्हे एक आईपीएस ऑफिसर कहें या एक सोशल वर्कर या एक भला इंसान. इन्हें जो भी कहे इनके लिए कम ही होगा. लोग अलग-अलग सपनो के साथ मेहनत करते है और आईपीएस बनते है, लेकिन अरुण बोथरा जी लोगों की मदद करने के लिए आईपीएस बने. उनका मानना है कि, यदि उनके काम से किसी एक व्यक्ति के चेहरे पर भी खुशी आ जाती है तो उन्हे बहुत सुकून की प्राप्ति होती है. ऐसे ही अनकहे किस्से है आईपीएस अरुण बोथरा जी के, जिन्हें आप सोशल मीडिया या न्यूज चेनल के माध्यम से सुनते रहते है. आज हम इस लेख में जानेंगे, कुछ अरुण बोथरा जी के जीवन के बारे में और कुछ उनके द्वारा किए गए कुछ खास कार्यों के बारे में, तो चलिए शुरू करते है.

IPS Arun Bothra Biography (1)

आईपीएस अरुण बोथरा की कहानी | IPS Arun Bothra Biography in Hindi

अरुण बोथरा जी ने मूल रूप से जयपुर राजस्थान से है और उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा भी वहीं से पूरी की. अपने जज़्बे से लोगों को प्रेरित करने वाले आईपीएस अरुण बोथरा जी ने अपनी स्नातक(BA) की पढ़ाई राजस्थान के श्रीगंगानगर से पूरी की. उसके बाद वहीं से 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी बने.

बिंदु (Points)जानकारी (Information)
नाम (Name)आईपीएस अरुण बोथरा
जन्म (Date of Birth)ज्ञात नहीं
आयु ज्ञात नहीं
जन्म स्थान (Birth Place)श्रीगंगानगर, राजस्थान
पिता का नाम (Father Name)ज्ञात नहीं
माता का नाम (Mother Name)ज्ञात नहीं
पत्नी का नाम (Wife Name)डॉक्टर कीर्ति सिंघवी
पेशा (Occupation )आईपीएस ऑफिसर
बच्चे (Children)एक बेटा
भाई-बहन (Siblings)ज्ञात नहीं
अवार्ड (Award) ज्ञात नहीं

वर्तमान में अरुण बोथरा जी ओडिशा सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई यूटिलिटी के सीईओ और कैपिटल रीजन अर्बन ट्रांसपोर्ट के प्रबंध निदेशक हैं. उनके पास सीएमडी, ओडिशा राज्य सड़क परिवहन निगम का अतिरिक्त प्रभार भी है. बोथरा आईजी क्राइम से लेकर सीबीआई तक में अहम ओहदों पर पोस्टेड रह चुके हैं.

आईपीएस अरुण बोथरा का निजी जीवन | IPS Arun Bothra family

IPS Arun Bothra Biography
IPS Arun Bothra Biography

आईपीएस अरुण बोथरा का विवाह डॉक्टर कीर्ति सिंघवी से हुआ है, उनकी पत्नी भी उनके सोशल वर्क मे उनकी मदद करती है. दम्पत्ति का एक बेटा भी है.

आईपीएस अरुण बोथरा का कार्य | IPS Arun Bothra Professional Work

बोथरा साहब ने शुरुआत मे अन्य सरकारी अफसर जैसी अपनी नौकरी करना शुरू किया, उन्होंने पहले दिन से ही डट कर अपना काम करने की ठान ली थी. लेकिन वे हमेशा से चाहते थे कि एक आईपीएस ऑफिसर के तौर पर वे जितना हो सके लोगों की मदद कर पाएं.

2017 में अरुण बोथरा जी उड़ीसा में क्राइम डिपार्टमेंट मे IG थे उस वक्त उन्हें उड़ीसा पुलिस का ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट संभालने का मौका मिला, तब पहली बार उन्हें लगा की सोशल मीडिया बड़ी महत्वपूर्ण चीज है, इससे कई लोगों की मदद की जा सकती है।.

2009 मे अरुण जी ने अपना सोशल मीडिया अकाउंट बनाया था पर उसे कभी इस्तमाल नहीँ किया था. उड़ीसा पुलिस के ट्विटर अकाउंट पर कई लोग अपनी शिकायत और अपील किया करते थे, जिससे वे डायरेक्ट उन लोगों की मदद कर पाते थे. इससे लोग उड़ीसा पुलिस और उनकी तारीफ करने लगे, तब उन्होंने सोचा, “क्यूँ न में ये अपने निजी अकाउंट(@arunbothra) से भी शुरू करू ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद हो सके.

IPS Arun Bothra Biography
IPS Arun Bothra with Parents

आईपीएस अरुण बोथरा के सामाजिक कार्य | IPS Arun Bothra Social Work

क्राइम IG की पोस्ट के बाद अरुण बोथरा जी दूसरी पोस्ट पर पहुँच गए, वहाँ उन्हे पहले बस कंपनी मिली, उसके बाद बिजली कंपनी मिली. वहाँ भी इन्होंने वही काम शुरू रखा, वहाँ भी लोगों की खूब मदद की. यही सिलसिला चल ही रहा था कि देश मे कोविड -19 की वजह से लॉक डाउन लग गया, उसकी वजह से अरुण साहब के पास मदद के लिए ओर ज्यादा संदेश आने लगे, तो उन्होंने जितना होता था उतना लोगों की मदद की. उन्होंने अपना DM शुरू कर दिया ताकि लोग सीधे उनसे संपर्क कर सके.

बहुत लोग उनसे मदद के लिए सीधे संपर्क करने लगे, फिर कुछ लोग ऐसे भी मिले जिन्होंने उनसे कहा कि हम भी आपके साथ मिलकर लोगों की मदद करना चाहते है, ऐसे करते हुए वे 1 से 4 और फिर सेकड़ों कार्यकर्ता उनसे जुड़ने लगे. ऐसे ही किसी की सलाह से उन्होंने एक ट्विटर पर ग्रुप की शुरुआत की जिसका नाम रखा ‘इंडिया केयर्स‘.

आज देश के 29 राज्यों में 3 हजार से भी ज्यादा वॉलंटियर्स हैं जो ‘इंडिया केयर्स’ से जुड़े हुए है. इस ग्रुप मे मदद के संदेश (जो लोगों से मिलते थे) भेजे जाते थे, तब जो भी मदद कर सकता था वह खुद ही आगे आकर मदद कर देता था.

बोथरा कहते हैं “ऑफिस का काम रात में 8 बजे तक निपट जाता है. इसके बाद इस काम में लग जाता हूं. मैसेज चेक करता हूं. रिप्लाई करता हूं. इस काम मे रात के 2 बज जाते हैं. लेकिन इससे जो सुकून मिलता है, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता“.

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