बुखार उतारने के लिए आयुर्वेदिक उपाय | Home Remedies for Fever in Hindi

बुखार उतारने के घरेलु और आयुर्वेदिक उपाय (राजीव दीक्षित के अनुसार) | Home and Ayurvedic Remedies for Fever in Hindi | Bukhar Utarne ke Gharelu Nushkhe

राजीव दीक्षित ने बुखार उतारने के लिए अत्यधिक सरल उपाय बताए है जो हमे जल्द से जल्द स्वस्थ करने में मदद करेंगे और यह उपाय पुर्णतः घरेलु तथा बहुत सरल है. कई ऐसे बुखार है जो भारत देश में फैलते जा रहे है और इससे हर कोई प्रभावित होता है और कई लोग तो अपनी जिंदगी से हाथ भी धो बैठते है. दीक्षित जी का कहना है कि अपना अनमोल जीवन और पैसा बचाइये. जिंदगी सिर्फ एक बार मिलती है. जब कुछ घरेलु या आयुर्वेदिक उपाय से इन चीजों को ठीक किया जा सकता है तो हम क्यों नहीं इन चीजों पर ध्यान दे सकते है.

बुखार कई प्रकार के होते है जैसे डेंगू का बुखार, चिकनगुनिया का बुखार, सर्दी-खासी से हुआ बुखार, ज्यादा श्रम करने से हुआ बुखार, मलेरिया और भी कई. ये बुखार ऐसे होते है जो जल्दी ठीक नही होते. एक बार यदि खत्म भी हो जाता है तो फिर दूसरी बार आ जाते है.तो इन सभी रोगों का इलाज बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है. जो आपको इस लेख में बताया गया है.

बुखार उतारने के उपाय (Home Remedies for Fever)

हरसिंगार

हरसिंगार का नाम तो अपने सुना ही होगा यह एक पेड़ होता है जो आसानी से कही भी मिल जाता है और इसे आप अपने घर में भी लगा सकते है. हरसिंगार के पत्ते बुखार ठीक करने के साथ गठिया के रोग को भी दूर करते है. यदि आप इसका नियमित इस्तमाल करते है तो मात्र 2 से 3 दिन में आपका बुखार ठीक होने लगेगा. इससे ज्यादा वक़्त नही लेता यह उपाय.

तुलसी

तुलसी को सभी अच्छी तरह से पहचानते है और यह लगभग सभी के घरो में होती है और न भी हो तो यह आसानी से आस-पड़ोस के घरो में तो मिल ही जाएगी. तुलसी में सभी औषधीय गुण होते है, तो दोस्तों यहाँ यह जानने की जरूरत है की तुलसी कौनसी वाली उपयोग करे. तुलसी के 2 प्रकार होते है इस बात पर जरुर ध्यान दे एक होती है हरे पत्तो वाली जिसे हम राम तुलसी बोलते है और एक तुलसी जिसके पत्ते थोड़े गहरे रंग के होते है जिसे श्याम तुलसी के नाम से जाना जाता है, तो राम तुलसी की तुलना में श्याम तुलसी ज्यादा फायदेमंद होती है. अब आपको करना क्या है इन पत्तो को ले और इसका रस निकल ले और इसे शहद या फिर गुड के साथ सुबह, दोपहर और शाम तीनो वक़्त में इसका 1-1 चम्मच इसका सेवन करे. यह आपके के किसी भी तरह के बुखार को आसानी से और जल्द से जल्द तोड़ देगा.

काली मिर्च

इसका एक ओर उपाय यह है की आपको 10 से 15 तुलसी के पत्ते लेना है और 3 से 4 काली मिर्च अब इन दोनों चीजों को पत्थर की सहायता से पीस ले और रोज इसकी फाक दिन में 2 बार ले.

गिलोय की बेल

एक और इलाज राजीव भाई ने बताया है कि नीम के पेड़ पर अधिकतर एक बेल चढ़ती है जिसे गिलोय की बेल कहा जाता है. यदि आपको इसकी पहचान न हो तो जो इसे अच्छी तरह जानता हो उसकी मदद ले. इसे कई नामो से जाना जाता है जेसे अंबर, गुमेच आदि. अब आपको इस बेल का थोडा सा टुकड़ा लेकर इसे 1 गिलास पानी के साथ उबाल लेना है इसे जब तक उबाले जब तक की यह आधा न हो जाए. इस मिश्रण को नियमित पिए तो यह आपके बुखार को ठीक कर देगा. इसके अलावा नीम के पेड़ के भी कई लाभ है यदि आप इसे अपने घर में लगाते है तो मच्छर नहीं आते है, हर रोज नीम की पत्ती खाने से स्वास्थ्य सम्बंधित कई रोग दूर रहते है और यह स्किन को भी साफ़ रखता है.

नीम

नीम और गिलोय का जूस डेंगू के बुखार में सबसे लाभदायक होता है. जिन लोगो के इस बुखार से प्लेटलेट्स कम हो जाते है तो इसकी मदद से तुरंत बढ़ने लगने है. ये दोनों चीजे बहुत काम आती है.

छोटी पीपर

छोटी पीपर किसी भी औषधीय दूकान पर आसानी से मिल जाती है इसे घर में पिस के इसका पावडर बना ले और इसे तुलसी का रस और शहद मिला कर खाए. यह आपके शरीर में कितना भी ताप हो उसको आसानी से और जल्द से जल्द से कम कर देगा.

काढ़ा

तुलसी का किसी भी तरह के बुखार में सबसे ज्यादा महत्त्व है. यह किसी भी तरह के बुखार को आसानी से तोडती है. काढ़ा बनाने के लिए 15 -20 पत्ते तुलसी के, सोंठ यानि सुखी अदरक 10 ग्राम, 10 छोटी पीपर के टुकड़े, और नीम के पत्ते इन सभी को पानी के साथ उबाल ले और इसे इतना उबाले की इन सभी चीजों का अर्क पानी में निकल जाए और पानी आधा रह जाए. ठंडा होने पर इसे रोज सुबह, दोपहर, श्याम तीनो वक़्त ले. ये आपको निश्चित ही फायदा करेगा.

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