कोरोना महामारी से बचाव में सोशल मीडिया का योगदान | Role of Social Media in Corona Pandemic

कोरोना महामारी से बचाव में सोशल मीडिया का योगदान | Role of Social Media in Corona Pandemic : वर्तमान मे कोरोना वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी महामारी बन चुकी है. दिन प्रतिदिन इसके संक्रमण के आंकड़े आसमान छू रहे है तथा बहुत तेजी से फैल रहे है. कोरोना महामारी की शुरुआत चीन के वुहान शहर मे मध्य दिसंबर 2019 मे हुई. यहाँ शुरुआत में अचानक ज्यादा संख्या मे निमोनिया के मरीज पाए गए तथा तेजी से वृद्धि पाई गई तब चीन के वैज्ञानिको ने पाया कि कोरोना नामक वायरस ने दस्तक दे दी है. इसके बाद प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या बढ़ते बढ़ते विश्व के सभी देशों तक पहुँच गई . कोरोना महामारी की गम्भीरता को समझते हुए 24 मार्च को भारत के प्रधानमंत्री जी ने लॉकडाउन की धोषणा की.

कोरोना के लक्षण एवं पहचान | Corona Symptoms In Hindi

इस वायरस का संक्रमण दो प्रकार से होता है, पहला इससे संक्रमित व्यक्ति को कोई भी संकेत या लक्षण नही होते है और दूसरे में पीड़ित व्यक्ति को सर्दी, खांसी, छींक, बुखार या सांस लेने मे तकलीफ होती है इससे पीड़ित का यदि समय पर इलाज नही हुआ तो व्यक्ति की हालत मामूली से अत्यंत गंभीर हो सकती है तथा उसकी मृत्यु भी हो सकती है. इसलिए अगर कोरोना के लक्षण नजर आते है तो इससे डरना या छुपाना नही चाहिये बल्कि इसका टेस्ट करवाकर समय पर इलाज करवाना चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमित लोग बड़ी संख्या मे प्रतिदिन स्वस्थ हो रहे है.

भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार देश मे कोरोना रिकवरी रेट करीब 80% पहुंच गया है और यह प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है जो कि बहुत अच्छे संकेत है. इसलिए लोगो को घबराना नहीं चाहिये तथा किसी भी प्रकार के लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए.

डब्लूएचओ के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को चार श्रेणियों में बांटा जा सकता है.

  • पहली श्रेणी में वे लोग आते हैं, जिनमें कोई लक्षण नहीं दिखता है.
  • इसके आगे दूसरी श्रेणी में वे लोग हैं, जिनमें श्वसन नली के ऊपरी हिस्से में संक्रमण होता है. इस श्रेणी में संक्रमित लोगों को कफ, बुखार, सिरदर्द या कंजक्टीवाइटिस (आंख संबंधी बीमारी) के लक्षण होते हैं. इन लक्षणों वाले लोग संक्रमण के वाहक होते हैं लेकिन संभवत: उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती है.
  • तीसरी श्रेणी में कोविड-19 पॉजिटिव लोग होते हैं, ये लोग कोरोना ग्रसित होते है जिनमें निमोनिया जैसे लक्षण होते हैं और उन्हें अस्पताल में रहना होता है.
  • चौथी श्रेणी के लोगों में निमोनिया जैसी बीमारी का गंभीर रूप दिखता है. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुजुर्ग तथा हाई ब्लड प्रेशर, हृदय तथा फेफड़े व मधुमेह के रोगियों में स्थिति गंभीर होने की ज्यादा संभावना रहती है.

कोरोना से बचाव एवं सावधानी | Prevention Of Coronavirus

कोरोना वायरस मुख्यत: हवा के माध्यम से संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है जब कोई संक्रमित मरीज खाँसता या छींकता है उस समय यदि कोई व्यक्ति उसके आसपास 3 फिट से कम सीमा मे रहता है तब यह वायरस संक्रमित व्यक्ति से असंक्रमित व्यक्ति तक पहुंच जाता है तथा उसे भी संक्रमित कर देता है, इसलिए आवश्यक है कि हम डब्ल्यूएचओ तथा सरकार द्वारा बताई गई निम्न गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करे-

  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करे.
  • मॉस्क का नियमित रूप से उपयोग करे तथा उचित समयांतराल के बाद उसे अवश्य धोएं.
  • कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोएं.
  • सेनिटाइजर का उपयोग करे.
  • अनावश्यक रूप से घर से बाहर जाने से बचे.

कोरोना से बचाव के लिए लोगो को जागरूक करने में सोशल मीडिया की भूमिका | Role of Social Media During Corona Pandemic

  • कोरोना महामारी(Corona Pandemic) के दौर में सबसे ज्यादा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगो मे जागरूकता फैल रही है फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, व्हाट्सएप के माध्यम से महामारी से सम्बंधित अनेक जानकारियों का संचार हो रहा है. कोरोना से बचाव हेतु जागरूकता फैलाने वाले पोस्टर, लेख, विभिन्न जानकारी, सूचनाएं आदि सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे है जिससे समाज जागरूक होकर महामारी का दृढ़ता से मुकाबला कर सके.
  • समाजसेवी लोगो तथा डॉक्टरों द्वारा ऐसी दिनचर्या भी बताई जा रही है जिसको अपनाने से हम अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते है जो कोरोना से बचाव के लिए महत्वपूर्ण है.
  • सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर बहुत से मोटिवेशनल लेख या वीडियो एक दूसरे को पहुँचाये (शेयर) जा रहे है जिससे लोगो की इच्छाशक्ति एवं सकारात्मक सोच को बल मिल रहा है.
  • यहाँ पर भिन्न-भिन्न प्रकार के कार्टून के माध्यम से भी लोगो को इस महामारी से सावधान किया जा रहा है.
  • आज के युग मे सोशल मीडिया ही ऐसा साधन है जिसके माध्यम से किसी भी विषय की महत्वपूर्ण जानकारी तुरंत एक स्थान से दूसरे स्थान या एक देश से दूसरे देश मे रहने वाले तक आसानी से पहुंच जाती है.
  • इसके लाभ यह हो रहे है कि बहुत से विदेशों में रह रहे भारतीय लोग जिन्हें कोरोना हो गया है या जो इस महामारी को मात दे चुके है वे अपने अनुभव को वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से भारत के लोगो को साझा कर उन्हें सावधान कर रहे है.
  • ऐसे ही डॉक्टर भी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया माध्यम से लोगो मे जागरूकता फैला रहे है जिससे लोगो को सही जानकारी एवं इससे बचने के लिये सावधानी का ज्ञान हो रहा है.
  • भारत सरकार द्वारा ‘आरोग्य सेतु’ एप्लिकेशन के माध्यम से कोरोना के लक्षण की जाँच एवं बचाव की जानकारी प्रदान कर समाज को जागरूक किया जा रहा है.

कोरोनाकाल में सोशल मीडिया के दुरुपयोग | Misuse Of Social Media in Corona Pandemic

सोशल मीडिया माध्यम से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं उपयोगी जानकारी बाँटी जा रही है, पर वहीँ कुछ लोगो द्वारा अनेक भ्रामक जानकारी भी परोसी जा रही है, उदाहरण के लिये लोगो को कोरोना के नाम से झूठी ख़बर फैलाकर डराया जा रहा है, गलत जानकारी द्वारा अनेक लोगो को आपस में भड़काया जा रहा है.

ऐसे लोग समाज को डराने का काम कर रहे है अतः हमें चाहिए कि हमारे पास सोशल मीडिया के माध्यम से जो भी ख़बर या
जानकारी आये पहले हम उसकी सत्यता की पुष्टि कर ले उसके बाद ही उसपर विश्वास करे तथा जब तक ख़बर की सत्यता की पुष्टि नही हो जाती तब तक उसे किसी को भी शेयर नहीं करे. ऐसा कर आप झूठी खबर को फैलने से रोक लेंगे, इस प्रकार समाज मे भय की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी और शांति बनी रहेगी.

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