निर्मला सीतारमण का जीवन परिचय | Nirmala Sitharaman Biography in Hindi

निर्मला सीतारमण की जीवनी, परिवार (माता-पिता, पति, बेटी के नाम ), राजनीतिक जीवन और पदभार | Nirmala Sitharaman Biography, Family, Political Career and Positions in Government in Hindi

निर्मला सीतारमण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबंधित एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं. सीतारमण वर्तमान में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए मंत्रिमंडल में वित्तमंत्री हैं. भारतीय राजनीति के इतिहास में निर्मला सीतारमण पहली महिला हैं जिन्हें पूर्ण रूप से फाइनेंस मिनिस्ट्री की जिम्मेदारी दी गई है. इससे पहले सिर्फ एक बार इंदिरा गांधी ने पीएम पद के साथ-साथ फाइनेंस मिनिस्ट्री संभाला था. निर्मला सीतारमण फिलहाल राज्यसभा सदन से सांसद हैं. पिछली सरकार में वे देश की रक्षा मंत्री थी. निर्मला सीतारमण के नाम देश की प्रथम महिला रक्षा मंत्री होने का रिकॉर्ड भी हैं.

बिंदु (Points)जानकारी (Information)
नाम (Name) निर्मला सीतारमण
पेशा (Profession)राज्यसभा सांसद, पूर्व बीजेपी प्रवक्ता
पदभार (Positions)वित्त मंत्रालय ( 30 मई 2019 – अब तक)
रक्षा मंत्रालय (3 सितम्बर 2017 – 30 मई 2019)
वाणिज्य और उद्योग मंत्री (26 मई 2014 – 3 सितम्बर 2017)
भाजपा प्रवक्ता (2010-2014)
पति का नाम (Husband Name)परकाला प्रभाकर (वि. 1986)
बेटी का नाम (Daughter Name)परकाला वांगमयी
शिक्षा (Education)इकोनॉमिक्स में पीएचडी
राजनीतिक पार्टी (Political Party)भारतीय जनता पार्टी

निर्मला सीतारमण का व्यक्तिगत जीवन (Nirmala Sitharaman Personal Life)

निर्मला सीतारमण का जन्म 18 अगस्त 1959 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में एक मध्यम-वर्गीय परिवार में हुआ था. उनके पिता रेलवे में काम करते थे, जबकि उनकी माँ एक गृहिणी थीं और किताबों की बड़ी प्रेमी थीं. उनके पिता की अनुशासनात्मक प्रकृति और किताबों के लिए उनकी माँ का प्यार की छवि निर्मला सीतारमण में  दिखती है. निर्मला ने अपना बचपन तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में बिताया क्योंकि उसके पिता की नौकरी हस्तांतरणीय थी. इस प्रकार यात्रा करना और अनुकूल होना स्वाभाविक रूप से उनमे बस गया था.

उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से की और दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की. उसका पसंदीदा विषय वैश्वीकरण और विकासशील देशों पर इसका प्रभाव था. यही वह है जिसने उन्हें भारत सरकार के वाणिज्य मंत्री बनने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने 1986 में परकला प्रभाकर से शादी की और यह जोड़ा लंदन चला गया. सीतारमण वहां कॉर्पोरेट जगत में सफल हुईं लेकिन आखिरकार 1991 में भारत वापस आ गईं. इस दंपति को एक बेटी वांग्मय परकला है.

निर्मला सीतारमण का राजनीतिक करियर (Nirmala Sitharaman Political Career)

निर्मला सीतारमण, रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में भाजपा के  मुख्य प्रवक्ताओं में से एक थी. भले ही उनके पति और उनका परिवार कांग्रेस समर्थक था लेकिन 2006 में वह भाजपा में शामिल हो गईं. लंदन में अपनी उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने भाजपा के साथ-साथ सफलता की सीढ़ी पर चढ़कर पार्टी में कई महत्वपूर्ण पदों पर कब्जा कर लिया.

2010 में नितिन गडकरी के कार्यकाल के दौरान, उन्हें पार्टी के प्रवक्ता के रूप में नियुक्त किया गया था. पार्टी के प्रवक्ता की भूमिका संभालने के बाद, उन्होंने हर स्थिति में भाजपा का बचाव किया और राष्ट्रीय मीडिया पर मोदी सहित पार्टी के नेताओं की प्रशंसा की. वह न केवल दिल्ली में बल्कि गुजरात में पार्टी मुख्यालय में भी एक लोकप्रिय चेहरा बन गईं.

निर्मला सीतारमण 2003 से 2005 तक राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की सदस्य के रूप में कार्य करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता सुषमा स्वराज के संपर्क में आईं. अपने गरिमामय व्यक्तित्व और मुखर विचारों से प्रभावित होकर सुषमा स्वराज ने सीतारमण को पार्टी को जिम्मेदारी देनें की सिफारिश की.

उन्हें आंध्रप्रदेश से राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी नियुक्त किया गया था. नेदुरामल्ली जनार्दन रेड्डी की मृत्यु के बाद यह सीट खाली रह गई थी. भाजपा के प्रमुख गठबंधन सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने सीतारमण को सीट की पेशकश की. वह वर्तमान में कर्नाटक से राज्यसभा सांसद हैं.

अपने सौहार्दपूर्ण दृष्टिकोण के लिए जानी जाने वाली निर्मंला ने 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान एक प्रमुख भूमिका निभाई. उन्होंने भारत के भावी प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी को प्रोजेक्ट किया. यह माना जाता था कि उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण की वजह से 2014 में मोदी के मंत्रिमंडल में जगह मिली. आखिरकार, मई 2014 में, उन्हें मंत्री पद मिला.  

मई 2016 में राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव होने थे. जिनमे भारतीय जनता पार्टी की ओर से निर्मला सीतारमण को भी प्रत्याशी बनाया गया था. इस चुनाव में वह कर्नाटक की तरफ से राज्यसभा सदन पहुंची. 3 सितम्बर 2017 को निर्मला सीतारमण ने देश की पहली रक्षामंत्री के रूप में शपथ ली थी.  

वर्ष 2019 में जब फिर एक नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी तो निर्मला सीतारमण को देश की वित्त मंत्री बनाया गया. पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी के बाद वे पहली महिला हैं जिन्हें वित्त मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौपा गया हैं. वैसे तो पूर्व सरकार में यह पद अरुण जेटली के पास था. परन्तु ख़राब स्वास्थ के चलते उन्होंने प्रधानमंत्री को चिट्टी लिखकर यह स्पष्ट कर दिया सरकार द्वारा बनाये जाने वाले मंत्रिमंडल में उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं सौपी जाए. जिसके बाद अरुण जेटली के जी सुझाव पर निर्मला सीतारमण को इस विभाग के लिए चुना गया.

अपने जीवन को याद करते हुए वह कहती हैं, “मैं उस लड़की से ईर्ष्या करती हूं जो मैं एक बार थी. सबसे अच्छी सलाह मुझे यह मिली हैं कि हमेशा बीच का रास्ता चुनें और समरसता बनाए रखने की कोशिश करें.  दूसरे शब्दों में, कभी भी किसी अति पर मत जाओ. बहुत अधिक मत बनो क्योंकि आप अपनी गरिमा खो देंगे और जब भी अति आत्मविश्वास और आक्रामक होंगे या आप अंततः अपना मैदान खो देंगे. संतुलित बने रहें.”

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