संतोष आनंद का जीवन परिचय | Santosh Anand Biography in Hindi

गीतकार संतोष आनंद की जीवनी (जन्म, करियर, परिवार) और फिल्मे | Lyricist Santosh Anand Biography (Birth, Career, Family) and Films in Hindi

मशहूर कवि और फिल्मी गीतों के लेखक संतोष आनंद एक प्रतिष्ठित और सज्जन कलाकार हैं. जिन्होंने लगातार दो बार फिल्मफेयर अवार्ड जीता हैं. अपने अप्रतिम गीतों से भारतीय फिल्म जगत में एक अलग पहचान बनाई हैं.

बिंदु(Points) जानकारी (Information)
नाम (Name) संतोष आनंद
जन्म (Birth) 5 मार्च 1940
जन्म स्थान (Birth Place) सिकंदराबाद
कार्यक्षेत्र (Profession) गीतकार
पुत्र (Son) संकल्प आनंद
सम्मान (Awards) फिल्मफेयर पुरस्कार और यश भारती

संतोष आनंद जन्म और जीवन (Santosh Anand Birth and Life History)

संतोष आनंद का जन्म 5 मार्च 1940 को सिकंदराबाद में हुआ. युवा अवस्था में ही एक दुर्घटना में ये एक टांग से विकलांग हो गए थे. शादी के दस साल बाद बड़ी मन्नतों से इन्हें पुत्र प्राप्त हुआ. इनके बेटे का नाम संकल्प आनंद हैं. और एक बेटी शैलजा आनंद हैं. संकल्प गृह मंत्रालय विभाग में कार्यरत थे. संकल्प ने अपने पिता को बगेर बताएं शादी कर ली थी. अक्टूबर 2014 में संकल्प आनंद ने अपनी पत्नी के साथ खुदख़ुशी कर ली थी.

संतोष आनंद का करियर (Santosh Anand Career)

इन्होने अपने करियर की शुरुआत फिल्म “पूरब और पश्चिम” से वर्ष 1970 में की. इस फिल्म का संगीत कल्याण जी आनंदजी द्वारा निर्माण किया गया था. वर्ष 1972 में इन्होने फिल्म शोर के लिए “एक प्यार का नगमा” गीत लिखा था. यह गीत उनका सबसे पसंदीदा गीत था. इस गीत का संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल द्वारा बनाया गया था. और इस गीत को स्वर कोकिला लता मंगेशकर और मुकेश ने अपनी आवाज दी थी. वर्ष 1974 में फिल्म रोटी, कपडा और मकान के लिए कई गीत लिखे थे. इस फिल्म के गीत “मैं ना भूलूंगा” के लिए इन्हें अपने करियर का पहला फिल्म फेयर अवार्ड मिला था.

वर्ष 1981 में इन्होने क्रांति फिल्म के गीत लिखे थे. यह फिल्म उस वर्ष की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. इसी साल इन्होने फिल्म प्यासा सावन के लिए गीत “तेरा साथ हैं तो” और “मेघा रे मेघा” लिखा था. जिसके बाद इन्हें प्रेम रोग फिल्म के गीत के लिए फिल्म फेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया. संतोष आनंद ने कुल 26 फिल्मों में 109 गाने लिखे हैं. इनके गीतों को लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर, मोहम्मद अजीज, कुमार शानू और कविता कृष्णमूर्ति जैसे प्लेबैक सिंगर्स ने आवाज दी हैं. शोमैन राजकपूर और अभिनेता मनोज कुमार की अनेक फिल्मों में इन्होने गाने लिखे.

संतोष आनंद की फिल्मे (Santosh Anand Films)

संतोष आनंद हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्द गीतकार रहे हैं. उन्होंने अपने करियर में निम्न फिल्मों के गीत लिखे हैं.

  1. पूरब और पश्चिम (1971)
  2. शोर (1972)
  3. रोटी कपडा और मकान (1974)
  4. पत्थर से टक्कर (1980)
  5. क्रांति (1981)
  6. प्यासा सावन (1981)
  7. गोपीचंद सावन (1982)
  8. प्रेम रोग (1982)
  9. ज़ख़्मी शेर (1984)
  10. मेरा जवाब (1985)
  11. पत्थर दिल (1985)
  12. लव 86 (1986)
  13. मजलूम (1986)
  14. बड़े घर की बेटी(1989)
  15. नाग नागिन (1989)
  16. संतोष (1989)
  17. सूर्या (1989)
  18. दो मतवाले (1991)
  19. नाग मणि (1991)
  20. रणभूमि (1991)
  21. जूनून (1992)
  22. संगीत (1992)
  23. तहलका (1992)
  24. तिरुंगा (1993)
  25. संगम हो के रहेगा (1994)
  26. प्रेम अगन (1998)

संतोष आनंद को प्राप्त अवार्ड (Santosh Anand Awards)

  • यश भारती 2016
  • फिल्मफेयर पुरस्कार (1974) फिल्म- रोटी कपडा और मकान, गीत का नाम- मैं ना भूलूँगा
  • फिल्मफेयर अवॉर्ड (1983) फिल्म- प्रेम रोग, गीत नाम- मुहब्बत है क्या चीज

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14 thoughts on “संतोष आनंद का जीवन परिचय | Santosh Anand Biography in Hindi”

  1. I was very shocked to see Santosh Anandji situations, in the Sony Channel Indian Idiol programme.liricist who had written total 109 songs for Hindi film industry.All related person’s from film industry should help him financially.

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  2. संतोष आनंद जी की बॉयोग्राफी पढ़कर गर्व की अनुभूति हुई ,आज उनका फेसबुक में वीडियों देखा नेहा कक्कड़ जी उनको पांच लाख भेंट कर रही हैं।

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    • वीडियो बहुत इमोशनल था लव यू संतोष आनंद जी ।नेहा जी ने बहुत नेक काम किया

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  3. Santosh Anand sahib hamaare pas ke kasbe Sikandrabaad se hain jo ki dadri ke pas hai Maine bahut suna tha hamaare papa batate the ki santosh ji Sikandrabaad se hai aaj dekh kar bahut khushi hui inaki beaten sun kar man bhar aayaa mera Sangeet se bahut lagaav hai bachapan se me Santosh sahib ke get gunguna ta tha Tera sath hai to , purva suhani aayee re….😥😥😥😥

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  4. Aise sakhsa prerna ke strot hote hai jindgi ke har padav me majbuti se jine ki shakti dete hai

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